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जैन संग्रहालय को आचार्य श्री विशुद्धसागर जी ने निहारा: संग्रहालय में 600 प्राचीन कालीन जैन मूर्तियां हैं स्थापित 


जैन संग्रहालय जयसिंहपुरा में मंगलवार को आचार्य 108 श्री विशुद्धसागरजी महाराज ससंघ का संग्रहालय में मंगल प्रवेश हुआ। यह संग्रहालय दिगंबर जैन समाज की 125 वर्ष प्राचीन संस्था दिगंबर जैन मालवा प्रांतिक सभा बड़नगर की ओर से स्थापित है। यहां देशभर से एकत्रित की हुई करीब 600 प्राचीन कालीन जैन मूर्तियां संरक्षित हैं। उज्जैन से पढ़िए, यह खबर…


उज्जैन। दिगंबर जैन समाज की 125 वर्ष प्राचीन संस्था दिगंबर जैन मालवा प्रांतिक सभा बड़नगर की ओर से स्थापित जैन संग्रहालय जयसिंहपुरा में आज आचार्य 108 श्री विशुद्धसागरजी महाराज ससंघ का संग्रहालय में मंगल प्रवेश हुआ। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि जैन संग्रहालय के ट्रस्टी अमित कासलीवाल ने आचार्य श्री को संग्रहालय के बारे में बताया कि जैन रत्न स्व. प्रदीपकुमारसिंह कासलीवाल के विशेष प्रयासों से निर्मित यह जैन संग्रहालय पूरे देशभर में एकमात्र अनूठा संग्रहालय है।

यहां देशभर से एकत्रित की हुई करीब 600 प्राचीन कालीन जैन मूर्तियां स्थापित हैं। आचार्य श्री संसघ ने संग्रहालय को निहारते हुए बहुत प्रसन्नता व्यक्त की और इस संस्था के सभी पदाधिकारियों एवं ट्रस्टियों को आशीर्वाद दिया। आभार अनिल गंगवाल ने माना।

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Shreephal Jain News

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