कर्नाटक राज्य के जैनरगुत्ती में आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज के मंगल प्रवेश के लिए विभिन्न राज्यों के श्रावक साक्षी बने। यहां पर जैनरगुत्ती सकल जैन समाज ने उनकी मंगल अगवानी कर आशीर्वाद लिया। आचार्यश्री के सानिध्य में यहां पर जिन बिंब पंच कल्याणक महोत्सव होने जा रहा है। पढ़िए जैनरगुत्ती से यह खास खबर…
जैनरगुत्ती। समाधिष्ट आचार्य विरागसागरजी महाराज के शिष्य चर्या शिरोमणि शताब्दी देशनाचार्य आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी ससंघ का जैनरगुत्ती (कर्नाटक) में मंगल प्रवेश हुआ। महाराज श्री के यहां मंगल प्रवेश से सकल जैन समाज में उल्लास छा गया। आचार्यश्री की भव्य अगवानी की गई। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आध्यात्म योगी, चर्या शिरोमणी, वितरागी श्रमण संस्कृति के आध्यात्मिक सद्गुरु दिगंबराचार्य विशुद्धसागरजी महाराज के साथ उनके 19 शिष्यों का जैनरगुत्ती (कर्नाटक) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ है। चर्या शिरोमणी आचार्य श्री विशुद्धसागर महाराज जी ससंघ का जैनरगुत्ती पंच कल्याणक महोत्सव में जैनरगुत्ती समाजजन ने भव्य मंगल प्रवेश करवाया एवं समाज जन ने स्वागत किया।
सम्मिलन देख मिला अलौकिक आनंद
आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी और आचार्य श्री चंद्रप्रभू सागर महाराज जी के मंगल मिलन ने उपस्थित समाजजन श्रद्धालु आनंद विभोर कर दिया। जैनरगुत्ती में हजारों समाज श्रेष्ठियों के गगनचुंबी जयघोष के बीच यह ऐतिहासिक मिलन हुआ। इसके बहुसंख्य जैन समाज के श्रावक साक्षी बने।
आचार्य श्री के सानिध्य में होगा पंच कल्याणक
जैनरगुत्ती में पंचकल्याणक महोत्सव में भक्ति का जन सैलाब उमड़ पड़ा। आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज के सानिध्य में जिन बिंब पंचकल्याणक महोत्सव में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
कई प्रांतों के श्रावकों ने की अगवानी
आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज की मंगल अगवानी करने के लिए महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के धर्मावलंबी और श्रावक उपस्थित थे।













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