आचार्य श्री समयसागरजी महाराज का चातुर्मास शिरपुर जैन में हो। इसके लिए दिगंबर जैन समिति की ओर से आचार्यश्री को निवेदन किया गया है। इस अवसर पर आचार्यश्री के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। सभी ने खूब भक्ति की। शिरपुर जैन से पढ़िए, यह खबर…
शिरपुर (जैन)। आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज के शिष्य आचार्य श्री समयसागरजी महामुनिराज मुनि संघ के साथ सिद्धक्षेत्र मुक्तागिरी में निवास कर रहे हैं। मुक्तागिरी जाकर श्री दिगंबर जैन महासमिति के विदर्भ अध्यक्ष अभिनंदन पेंढारी, महासमिति के उपाध्यक्ष प्रा. प्रशांत गाडेकर, वाशिम जिला अध्यक्ष प्रमोद मानेकर, प्रांजल जैन, अरुण आहाळे, वेरुळ के संजय महाजन, शशिकांत महाजन सहित सभी पदाधिकारियों और गुरुभक्त परिवारों ने आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के दर्शन किए और अपने श्रीफल गुरुचरणों में अर्पित किए। आचार्य श्री का आशीर्वाद लेकर गुरुदेव ने सह संघ को वर्ष 2026 में वेरुळ में शीतकालीन वाचन और शिरपुर (जैन) में चातुर्मास करने के लिए अमरावती, अनसिंग, मालेगांव, वाशिम, डोणगांव, सिंदखेड राजा, देउलगांव राजा, जालना, छ.संभाजीनगर, वेरूळ और शिरपुर (जैन) में आने का निवेदन किया। इसके साथ ही, आचार्यश्री समयसागरजी महाराज की मौजूदगी और उनके आशीर्वाद से वेरूळ में स्नेह संमेलन होना चाहिए। यह भावना प्रा. प्रशांत गडेकर, शशिकांत महाजन, रिटायर्ड टीचर संजय महाजन और गुरुकुल के सभी एलुमनाई ने जताई।
जैन समुदाय द्वारा तैयारियां की जाएंगी
गुरुदेव समयसागरजी महाराज ने इस बारे में अपनी सहमति दिखाई और मौजूद सभी गुरुभक्त परिवारों ने भक्ति गीत पेश करते हुए कहा कि ‘भक्ति अटूट है, आनंद अपार है, आओ, भगवान समयसागरजी तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं।’ विदर्भ प्रेसिडेंट पेंढारी और विदर्भ वाइस प्रेसिडेंट प्रचार गडेकर ने अपनी राय दी कि अमरावती इलाके में नए जोश और माहौल के साथ आचार्य भगवंत के स्वागत की तैयारी की जाएगी। इस बीच, कारंजा से राजाभाऊ डोंणगखवकर ने भी समुदाय के लोगों के साथ एक मीटिंग की और खुशी जताई कि कारंजा में पूरे जैन समुदाय द्वारा तैयारियां की जाएंगी। सभी गुरुभक्त परिवार ने श्रीफल चढ़ाया। शिरपुर जैन का परिचय बालब्रह्मचारी तात्या भैया ने कराया। इसके साथ ही ट्रस्ट के प्रेसिडेंट सेक्रेटरी और संघर्ष समिति के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
आचार्यश्री के गूंजे जयकारे गूंजे
बालब्रह्मचारी पंकज भैया ने शिरपुर की खासियतों और कमियों के बारे में बताया और आचार्य भगवंत के आने से कमियों को सुधारा गया है। इस मौके पर विद्यासागर जी महाराज की जय, आचार्य श्री समयसागर जी महाराज की जय का नारा सुनाई दिया। इस मौके पर आचार्य श्री समयसागरजी महाराज ने मौजूद लोगों से इस मामले में पूरी जानकारी ली। उन्होंने मुक्तागिरी से वेरुळ, अमरावती, वाशिम, मालेगांव शिरपुर (जैन) कितने किलोमीटर है। इस पर चर्चा की और दिगंबर जैन महासमिति के काम के बारे में भी बताया।
पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया
विदर्भ प्रेसिडेंट अभिनंदन पेंढारी और वाइस प्रेसिडेंट प्रा. प्रशांत गाडेकर ने दिगंबर जैन महासमिति के काम के बारे में जानकारी दी। महासमिति के सभी सदस्यों और सभी गुरु भक्तों ने आचार्य भगवंत के पैर धोए। आचार्य श्री ने अपना आशीर्वाद दिया और उम्मीद जताई कि समिति का धार्मिक काम जारी रहेगा।













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