आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी महाराज ससंघ ने मुनिसुव्रनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र से सोमवार को विहार किया। आचार्य श्री पदयात्रा पर हैं, जो 14 दिसंबर से श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर से जहाजपुर के लिए निकलेगी। केशवरायपाटन से पढ़िए, साभार संकलित यह खबर…
केशवरायपाटन। आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी महाराज ससंघ ने मुनिसुव्रनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र से सोमवार को विहार किया। आचार्य श्री पदयात्रा पर हैं, जो 14 दिसंबर से श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर से जहाजपुर के लिए निकलेगी। अतिशय क्षेत्र में आयोजित धर्मसभा में आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी महाराज ने कहा कि मंदिर में हमेशा शांत और मौन रहना चाहिए। उनका कहना था कि परमात्मा का अहसास मौन रहने से ही संभव है, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग मंदिर में लोग आपस में चर्चा में लगे रहते हैं, जो उचित नहीं है।
महाराज श्री ने कहा कि मंदिर में भगवान को सुनने और देखने का ही ध्येय होना चाहिए और बाहर आकर बोलना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि संकल्प में दृढ़ता और मजबूती होनी चाहिए, लक्ष्य हमेशा अर्जुन की तरह निर्धारित करें। एकाग्रता से किया गया कार्य कभी असफल नहीं होता और प्रयास में कोई भी कमी नहीं रहनी चाहिए।













Add Comment