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श्रमण परंपरा आचार्य श्री की ही देन : गायत्री नगर में आचार्य शांति सागर पदारोहण शताब्दी दिवस मनाया


परम पूज्य चारित्र चक्रवर्ती प्रथमाचार्य श्री शांति सागर महाराज का आचार्य पदारोहण शताब्दी दिवस दिगंबर जैन मंदिर, गायत्री नगर, महारानी फार्म, दुर्गापुरा, जयपुर में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में धूमधाम से बड़े भक्ति भाव के साथ मनाया गया। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा ने जानकारी दी कि आचार्य शांति सागर महाराज के पदारोहण दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया गया। पढ़िए उदयभान जैन की रिपोर्ट…


जयपुर। परम पूज्य चारित्र चक्रवर्ती प्रथमाचार्य श्री शांति सागर महाराज का आचार्य पदारोहण शताब्दी दिवस दिगंबर जैन मंदिर, गायत्री नगर, महारानी फार्म, दुर्गापुरा, जयपुर में मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में धूमधाम से बड़े भक्ति भाव के साथ मनाया गया। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा ने जानकारी दी कि आचार्य शांति सागर महाराज के पदारोहण दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम अभिषेक और शांतिधारा का आयोजन किया गया। इसके पश्चात, आचार्य श्री के चित्र के समक्ष मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दीप प्रज्ज्वलन किया गया।

तत्पश्चात, भक्ति भाव से समूह बनाकर आचार्य श्री की पूजा की गई, जिसमें जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, दीप, धूप, फल, अर्घ्य एवं जयमाला पूर्णार्घ्य समर्पित किए गए। मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अरुण शाह ने आचार्य श्री के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला और कहा कि आज जो श्रमण (दिगंबर जैन मुनि) परंपरा जीवंत है, वह आचार्य श्री की ही देन है। इस अवसर पर कैलाश छाबड़ा, अरुण शाह, धूप चंद शाह, युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन बड़जात्या, एडवोकेट विमल जैन, प्रकाश बड़जात्या, दीपेश छावड़ा, हरख चंद जैन, अनिल जैन बड़जात्या, पुलक मंच की राष्ट्रीय महामंत्री बीना टोंग्या, मंजू सेवावाली, अनीता बड़जात्या, भावना झांझरी, राकेश पाटोदी, मैना सोगानी, सजल लुहाड़िया, सुरेश जैन, कमल जैन मालपुरा वाले, पदम पांड्या आदि महानुभावों के साथ बड़ी संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित थे।

सुनंदा अजमेरा ने मधुर कंठ से भक्ति के साथ पूजा का संचालन किया, जबकि सभी मांगलिक क्रियाएं विधानाचार्य अजित शास्त्री और पंडित विमल शास्त्री द्वारा कराई गईं। अंत में, सभी ने मिलकर आचार्य श्री का मंगल ध्वज स्थापित किया। कार्यक्रम का संचालन अरुण शाह द्वारा किया गया। अंत में, अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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