समाचार

श्रीजी के अभिषेक शांति धारा हुई 108 अर्घ्य समर्पित किए: अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर जी महाराज ने केशलोचन किए


सकल जैन समाज की ओर से भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर दो दिवसीय आयोजन किए जा रहे हैं। बुधवार ब्रह्म मुहूर्त में अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर जी महाराज ने केशलोचन किए। बड़ा मंदिरजी में प्रातः श्रीजी के अभिषेक शांति धारा हुई। जिसमें प्रथम कलश करने का सौभाग्य नंदलाल जैनी को प्राप्त हुआ। सनावद से पढ़िए यह खबर…


सनावद। सकल जैन समाज द्वारा जिन शासन नायक भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक पर दो दिवसीय आयोजन किए जा रहे हैं। बुधवार ब्रह्म मुहूर्त में अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर जी महाराज ने केशलोचन किए। बड़ा मंदिरजी में प्रातः श्रीजी के अभिषेक शांति धारा हुई। जिसमें प्रथम कलश करने का सौभाग्य नंदलाल जैनी को प्राप्त हुआ। शांति धारा करने का सौभाग्य विशाल कुमार भाई वैभवकुमार सराफ परिवार को प्राप्त हुआ। श्री वर्धमान संत नीलय में श्रीफल न्यूज़ परिवार की ओर से समाज में उत्कृष्ट सेवा एवं धार्मिक गतिविधियों की जानकारी के प्रचार-प्रसार के लिए प्रवक्ता सन्मति जैन काका को माला दुपट्टा एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। छोटी उम्र में इंटरनेट के माध्यम से महाराज श्री के प्रवचन एवं क्लास को घर-घर तक पहुंचाकर धर्म प्रभावना के लिए गवाक्षी हेमेंद्रकुमार जैन को भी माला दुपट्टा एवं प्रमाण पत्र देकर अभिनंदित किया गया। उसके उपरांत श्री वर्धमान संत निलय में भगवान महावीर मनोकामना सिद्धि महामंडल विधान के रूप में भव्याति भव्य महापूजा अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के मार्गदर्शन में की गई। जिसमें सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य श्रीकांत प्रीति जटाले परिवार को प्राप्त हुआ।

108 अर्घ्य समर्पित किए

इस विधान में 35 जोड़ों सहित 108 महिला-पुरुष पुण्यार्थियों द्वारा मंगलाचरण पूर्वक भगवान महावीर की समुच्चय पूजा एवं उनके 108 गुणों के 108 अर्घ्य समर्पित किए गए। जिसमें क्रम से सोलह कारण के 16 अर्घ्य, सोलह स्वप्न के 16 अर्घ्य, चौंतीस अतिशय के 34 अर्घ्य, आठ प्रतिहार्य के 8 अर्घ्य, चार चतुष्टय के 4 अर्घ्य, अठारह दोष नाशक प्रभु के 18 अर्घ्य और 12 गुण के बारह अर्घ्य एवं सात पूर्णार्घ्य और सार रूप में जयमाला की गई। ताकि जिसको करके इस भव में कर्म निर्जरा करते हुए अपनी मनोकामनाओं की सिद्धि हो सके। वहीं पुण्यार्थियों द्वारा इस अतिशयकारी विधान द्वारा भगवान की भक्ति करते हुए आध्यात्मिक सुख की भी प्राप्ति की गई।

गुरुवार को जन्मदिवस पर मुख्य आयोजन  

बुधवार कार्यक्रम में जहां मांगलिक भवन के सामने शाम 7 बजे मुनि श्री के विशेष प्रवचन उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा गुरु भक्ति और मुनि श्री की आरती की जाना है। वही अंश जैन एंड पार्टी इंदौर द्वारा एक शाम महावीर के नाम तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस श्रृंखला में मुख्य दिवस 10 अप्रैल गुरुवार को प्रातः 7 बजे प्रेम प्रकाश परिवार ( बागोद ) द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। उपरांत बड़ा मंदिर जी से नगर के प्रमुख मार्गों से विशाल रथ यात्रा निकाली जानी है। सायंकाल बालक वर्धमान के निवास स्थान से जैन परिसर तक शोभा यात्रा निकाली जाएगी। जहां बालक वर्धमान का पालना झूलना कार्यक्रम तथा भजन संध्या रखी गई है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page