जिले में स्थित श्री देवोदय तीर्थ क्षेत्र देवगढ़ जी में मध्यप्रदेश के गंज बासौदा से “अभय सेना” नाम के एक संगठन के सदस्यों का आना हुआ,संगठन में 10 साल की उम्र से लेकर लगभग 50 साल के पुरुषों के साथ कुछेक महिलाओं की भी भगीदारी थी। सुबह क्षेत्र पर पहुंचकर सारे पुरुषवर्ग ने श्री देवोदय तीर्थ के कीर्तिदुर्ग परिसर में बने 41 जिनालयों में विराजमान सभी प्रतिमाओं का मार्जन और सारे मंदिरों की साफ सफाई की और दर्शन-पूजन-अभिषेक इत्यादि धार्मिक कार्य किये। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…
ललितपुर। जिले में स्थित श्री देवोदय तीर्थ क्षेत्र देवगढ़ जी में मध्यप्रदेश के गंज बासौदा से “अभय सेना” नाम के एक संगठन के सदस्यों का आना हुआ,संगठन में 10 साल की उम्र से लेकर लगभग 50 साल के पुरुषों के साथ कुछेक महिलाओं की भी भगीदारी थी। सुबह क्षेत्र पर पहुंचकर सारे पुरुषवर्ग ने श्री देवोदय तीर्थ के कीर्तिदुर्ग परिसर में बने 41 जिनालयों में विराजमान सभी प्रतिमाओं का मार्जन और सारे मंदिरों की साफ सफाई की और दर्शन-पूजन-अभिषेक इत्यादि धार्मिक कार्य किये। दोपहर को सभी सदस्यों ने पुनः पर्वत पर पहुंच कर मूलनायक भगवान के मंदिर जी में रखी हुई सभी जिनवाणी (पुस्तकों)पर कवर किया जो पुस्तकें कुछ फटी हुई थीं, उन्हें टेप से सुरक्षित किया। संगठन के द्वारा साथ में सारी सामग्री जैसे स्टेपलर-टेप-कवर पेपर इत्यादि स्वयं लाई गई थी। अभय सेना के प्रमुख ब्रह्मचारी मधुर भैया एवं सारे सदस्यों के द्वारा क्षेत्रों की जो सेवा की जा रही है, वह अनुकरणीय है।













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