समाचार

आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माता जी का मंगल पदार्पण : गुरु मां के आगमन से देवों ने किया अतिशय 


आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माता जी का मंगल पदार्पण मंगलवार को श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र प्यावड़ी पीपलू जिला टोंक में हुआ। मनोहारी चंद्र प्रभु भगवान के समीप चरणों में चांदी के दो सिक्के नजर आए। माताजी के जयकारे गूंजे। प्यावड़़ी पीपलू से पढ़िए, यह खबर…


प्यावड़ी पीपलू (टोंक)। दो साल बाद फिर हुआ चमत्कार, बाबा की हो रही जय जयकार जो भी भक्त आया द्वार, उसकी हो गई नैया पार। श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र प्यावड़ी में मनोहरी श्री चंद्र प्रभु भगवान की अतिशय युक्त मनोहारी प्रतिमा विराजमान है, जो भी भक्त वहां जाता है, उसके अंतर्मन में दिव्य शांति का अनुभव होता है। वहां से दूर जाने को मन नहीं करता है। जहां पर कई बार पूर्णिमा और अमावस्या को चांदी के सिक्के एवं केसर अपने आप कपड़े पर आ जाती है। ऐसा देखा है हजारों की संख्या में भक्तों ने पहले कई बार। कोटा के पारस जैन पार्श्वमणि ने बताया कि आज फिर गुरु मां के आगमन से देवों द्वारा अतिशय हुआ। कहते हैं पुण्यशाली जीव जिस जगह जाते हैं, उसके पुण्य आगे-आगे पहले ही पहुंच जाते हैं। ऐसा ही नजारा आज देखने को मिला। जब आचार्य श्री सन्मति सागर जी की सुयोग्य शिष्या गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माता जी का मंगल पदार्पण मंगलवार को श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र प्यावड़ी पीपलू जिला टोंक में हुआ। मनोहारी चंद्र प्रभु भगवान के समीप चरणों में चांदी के दो सिक्के नजर आए। उस समय पूरा परिसर चंद्रप्रभु बाबा एवं गुरु मां के जयकारों से गूंज उठा।

ज्ञान के फूल खिलते वहां झूम उठते हैं धरती गगन

मंगलवार को जैसे ही गुरु मां ने क्षेत्र में प्रवेश किया, मानो देवताओं ने प्रसन्नचित होकर सिक्कों के माध्यम से अतिशय दिखला दिया। लगभग 2 साल से जो नहीं हुआ था वो आज हो गया। श्री 1008 चंद्रप्रभु भगवान के श्री चरणों से के पास चांदी के 2 सिक्के पुनः दिखाई दिए। जीवन में सच्ची आस्था ही सही रास्ता दिखाती है। जो चमत्कार 2 साल से नहीं हो रहा था। वह माताजी के चरण पड़ते ही फिर से हो गया। मेरे अंतर्मन में यही भाव विचार आ रहा है कि जहां पड़े गुरु मां चरण वहां वीराना भी हो जाता चमन। ज्ञान के फूल खिलते वहां झूम उठते हैं धरती गगन। गुरु मां के पावन सानिध्य में ये आयोजन सफलता के शिखर पर जरूर पहुंचेगा। इसके संशय नहीं लगता है। आचार्य श्री इंद्र नंदी जी महाराज संघ का पावन सानिध्य और मंगल आशीर्वाद भी आयोजन की गरिमा को चार चांद लगा देगा। ये सब पीपलू और आसपास के श्रद्धालुओं की बाबा के प्रति अति श्रद्धा का ही फल कहा जा सकता है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
4
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page