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एक साथ दो दीक्षाएं, आचार्य ने गृहस्थ जीवन के पिता को दी दीक्षा

उदयपुर। हुमड़ भवन उदयपुर में आचार्य विभव सागर महाराज ने 21 फरवरी को दो दीक्षाएं प्रदान की। दीक्षा महोत्सव कार्यक्रम में आचार्य वैराग्य नंदी, आचार्य सुंदर सागर महाराज का सान्निध्य प्राप्त रहा साथ ही अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। आचार्य विभव सागर महाराज ने अपने गृहस्थ के पिता लखमीचन्द को क्षुल्लक दीक्षा प्रदान कर नामकरण सिद्ध सागर किया और ब्र. मंजू दीदी को क्षुल्लिका दीक्षाप्रदान कर नामकरण क्षुल्लिका अद्योम माता जी किया। इसी कार्यक्रम में आचार्य वैराग्यनंदी को संगीत समयसार और आचार्य सुंदर सागर महाराज को धर्ममित्र की उपाधि से अलंकृत किया गया। इसमें राजस्थान व महाराष्ट्र के अलावा कई राज्यों से भक्तजन आए। आचार्य विभव सागर महाराज की ओर से लिखित और संपादित 5 पुस्तकों का विमोचन किया गया। जैन समाज के ख्याति प्राप्त संगीतकर रूपेश जैन ने भजन प्रस्तुत किए। उल्लेखनीय है कि सभी आयोजन श्री दिगम्बर जैन समाज उदयपुर की ओर से किए गए। 

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