पुण्यात्मा के प्रतिमूर्ति जो अपने परोपकार व पुनीत कार्यों से भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में इंदौर का नाम रोशन करने वाले जैन समाज के बिरले व्यकितत्व के धनी दानवीर सर सेठ हुकुमचंद की सोमवार को 151 वीं जन्म जयंती है। 14 जुलाई को आप का जन्म लाडनूं गांव में हुआ था। जन्म जयंती पर इंदौर जैन समाज उनके सेवाभावी कार्यों को स्मरण कर रहे हैं। उन्हें भावांजलि अर्पित कर रहे हैं। इंदौर से पढ़िए, हरिहरसिंह चौहान की यह खबर…
इंदौर। भारत के जैन समाज में सेठ हुकुमचंद सरीखा वजनदार आदमी देखने में नहीं आया। हुकुमचंद सेठ अपने वचनों की मान्यता हमेशा रखी है। उनके निमित्त से जैनों का संकट बहुत बार टला है। उनको हमारा आशीर्वाद है, वैसे तो जिन प्रभु की आज्ञा से चलने वाले सभी जीवों को हमारा आशीर्वाद है। हुकुमचंद के विषय में एक समय आचार्य शांतिसागर जी महाराज ने कहा था। एक बार संघपति गेंदनमल और दाडिमचंद ने हमारे पास से जीवन भर के लिए ब्रम्हचर्य व्रत लिया, तब हुकुमचंद सेठ ने इसकी बहुत प्रशंसा की। उस समय आचार्यश्री ने हुकुमचंद सेठ से कहा कि तुमको भी ब्रम्हचर्य व्रत लेना चाहिए। हुकुमचंद ने तुरंत ब्रम्हचर्य व्रत लिया और कहा था महाराज ! आगामी भव में भी ब्रम्हचर्य का पालन करूंगा। हुकुमचंद का ब्रम्हचर्य व्रत पर इतना प्रेम रहा। गुरुजनों, मुनि महाराज की सेवा में अपना पूर्ण जीवन व्यतीत किया। पुण्यात्मा के प्रतिमूर्ति जो अपने परोपकार व पुनीत कार्यों से भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में इंदौर का नाम रोशन करने वाले जैन समाज के बिरले व्यकितत्व के धनी दानवीर सर सेठ हुकुमचंद की सोमवार को 151 वीं जन्म जयंती है।
14 जुलाई को आप का जन्म लाडनूं गांव में हुआ। मेडसिल राजस्थान से आप इंदौर आ गए थे। आज इस आधुनिक युग मंे भी उनके प्रसंगों मे उभरते और विकसित व आत्मनिर्भरता की प्रेरणा मिलती है। तभी तो इंदौर के सर सेठ हुकुमचंद का नाम अमेरिका के शेयर बाजार में आज भी स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। हमारे शहर इंदौर में कपडा मिलो के जनक बने सेठ जी ने लोगांे को रोजगार दिया। शहर को अपनी अलग पहचान दिलाई, सामाजिक व धार्मिक क्षेत्र में आप जैसा दानवीर नहीं था। विकसित इंदौर में सेठजी का सहयोग कभी भी शहर नहीं भूल सकता।
उन्होंने ने पीढ़ियों को सुधार दिया। पुण्यात्मा, परोपकार व परामर्थ के इस महान व्यक्तित्व को आज उनकी जन्म जयंती पर सर सेठ हुकुमचंद स्वरूप परामथिक ट्रस्ट के ट्रस्टियों व सेठ जी के परिजनों और कर्मचारियों ने कोठारी मार्केट व जबरी बाग़ नसिया में आप की प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण किया। सर सेठ हुकुमचंद जी को उनकी 151 जन्मजयंती पर इंदौर की जनता की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि व शत-शत नमन।













Add Comment