आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज जी की मूल बाल ब्रह्मचारी पट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने संयमी जीवन का 57 वां वर्षायोग अतिशय क्षेत्र टोंक में संपन्न किया। नूतन प्रतिमा नवनिर्मित ध्यान केंद्र अमीरगंज श्री आदिनाथ नसिया में14 नवंबर को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान से साथ विराजित होगी। टोंक से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर…
टोंक। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज जी की मूल बाल ब्रह्मचारी पट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने संयमी जीवन का 57 वां वर्षायोग अतिशय क्षेत्र टोंक में संपन्न किया। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के सानिध्य में आचार्य श्री शांतिसागर जी की नूतन प्रतिमा नवनिर्मित ध्यान केंद्र अमीरगंज श्री आदिनाथ नसिया में 14 नवंबर को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान से साथ विराजित होगी। भागचंद फुलेता, धर्मचंद दाखिया सकल दिगंबर जैन समाज के सहयोग से प्रबंध समिति दिगंबर समाज अमीरगंज एवं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी वर्षायोग समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को प्रातः श्री जी के अभिषेक पूजन के बाद श्रीजी, देव, गुरु से आज्ञा लेकर आचार्य निमंत्रण दिया जाएगा। महिलाओं की घटयात्रा निकाली जाकर पुण्यार्जक कलई परिवार द्वारा मंदिर भूमि शुद्धि की जाएगी।
श्री शांतिसागर ध्यान केंद्र का निर्माण कराया
समाज अध्यक्ष पदमचंद आंडरा, महावीर देवली वाले मंत्री और वर्षायोग समिति के भागचंद फुलेता, धर्मचंद ने बताया कि स्वर्गीय कजोड़ मल की धर्मपत्नी कमला देवी, शिखरचंद, कमलेश, लक्ष्मीदेवी वेणी प्रसाद, पवन, अर्पित, अंकित आदि समस्त कलई परिवार की ओर से श्री शांतिसागर ध्यान केंद्र का निर्माण कराया गया है। इन्हीं कलई परिवार द्वारा 14 नवंबर को नवीन भवन और नूतन वेदी का शुद्धिकरण कार्य आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सानिध्य में किया जाएगा।
सेवाभावी सहयोगियों, कार्यकर्ताओं का सम्मान होगा
कमल सराफ के अनुसार ऋतु भरत जीरभार इंदौर आचार्य श्री शांति सागर जी की प्रतिमा के पुण्यार्जक हैं। विगत माह आचार्य पदारोहण शताब्दी महोत्सव में आचार्य श्री शांतिसागर जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। आचार्य श्री शांति सागर नवीन ध्यान केंद्र भवन, वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत 14 नवंबर को प्रातः श्रीजी के अभिषेक के पश्चात याग मंडल विधान होगा। जिसमें वेदी और भूमि शुद्धि, वास्तु विधान, हवन किया जाएगा। दोपहर को आचार्य श्री शांतिसागर महाराज की प्रतिमा नवीन ध्यान मंदिर पर नूतन वेदी पर नूतन भवन पुण्यार्जक परिवार द्वारा विराजित की जाएगी। चातुर्मास समिति द्वारा आचार्य संघ के सेवाभावी सहयोगियों, कार्यकर्ताओं आदि का सम्मान किया जाएगा। आचार्य श्री शांति सागर जी एवं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के पूजन पश्चात आचार्य श्री के उपदेश होंगे।













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