सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर बड़े बाबा की पावन नगरी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की तपस्थली में नववर्ष 2026 की शुरुआत पूज्य बड़े बाबा के चरणों में करने भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। अभिषेक करने के लिए हजारों हजार श्रद्धालु भक्तों की लंबी कतार लगी। कुंडलपुर से पढ़िए, यह खबर…
कुंडलपुर दमोह। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर बड़े बाबा की पावन नगरी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की तपस्थली में नववर्ष 2026 की शुरुआत पूज्य बड़े बाबा के चरणों में करने भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। अभिषेक करने के लिए हजारों हजार श्रद्धालु भक्तों की लंबी कतार लगी। कई घंटे बड़े बाबा का अभिषेक कार्यक्रम चला। इस अवसर पर मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने नए वर्ष का शुभारंभ भावना योग शिविर के साथ किया। मुनिश्री ने कहा कि नया साल है इसलिए हर्ष है। आज हम बड़े बाबा के दरबार में बैठे हैं। जहां का कण-कण आचार्य श्री की साधना से सिंचित है।
जीवन को हर्ष मय बनाना चाहते हैं तो कुछ नया जोड़े। नया वर्ष आया है आप सबके मन में कुछ नया करने का भाव है। घर में जब नया फर्नीचर लाते हैं तो पुराना कबाड़ बाहर करते हैं। आज मैं चार बातें द्वारा आपसे साक्षात्कार करूंगा। समीक्षा, संवेदना, संकल्प, साधना। सबसे पहले अपनी समीक्षा करें अंदर कचरा कूड़ा भरा है, उसमें यदि इत्र भी डालोगे तो खुशबू नहीं आएगी। बीते वर्ष में मैंने क्या गलत किया उसकी सफाई कीजिए, प्रतिक्रमण करें। जिसने मेरे साथ बुरा किया उसे क्षमा करें। जिसके साथ मैंने बुरा किया उसका प्रायश्चित करें। नकारात्मकता हावी होगी हम अपने जीवन को रचनात्मकता नहीं दे सकेंगे। सारा बोझ उतारिए।
आत्म समीक्षा करें अपने दुर्गुण दूर करना है
मुनि श्री ने एक कथानक सुनाते हुए बताया कि गुरु ने एक थैला पकड़ाया,उसमें आलू भर दिया। शिष्य से कहा कि अपने साथ रखो 15 दिन। 2 दिन में आलू सड़ने लगा। शिष्य ने कहा कि इसमें बदबू आने लगी है। गुरु ने कहा तू थैली की बदबू सह नहीं सकता। अपने अंदर की बदबू को निकालो। हम दूसरे की समीक्षा खूब करें अपनी समीक्षा नहीं करते। आत्म समीक्षा करें अपने दुर्गुण दूर करना है यह दृष्टिकोण अंतरंग में परिवर्तन होता है संकल्प के साथ।
संकल्प एक छोटी सी शुरुआत है जीवन का आधार बनेगी
इस वर्ष में अपनी वाणी में मधुरता लाओ, व्यवहार में विनम्रता ,आचरण में सादगी लायें ।जीवन में बदलाव चाहिए छोटे-छोटे संकल्प भी संकल्प सिद्धि का आधार है। उस उम्मीद और संकल्प को छोड़ देना जो हमारा बुरा कर सकता है। एक संकल्प लीजिए मुझे अच्छा बनना है अच्छा बनने का भाव जगाइए। अच्छा बनने का संकल्प एक छोटी सी शुरुआत है जीवन का आधार बनेगी। तीसरा संवेदना का भाव होना चाहिए, अंदर की संवेदना जगना चाहिए। संवेदनहीन मनुष्य के जीवन में धर्म का अंकुर नहीं होता एक दूसरे की पीड़ा को समझने की कोशिश करिए। चौथी बात साधना अपने धर्माचार्य को साधना बनाएं।
जो करना है अभी करो बीता हुआ कल कैसा है
धर्म को साधना बना लेते तो धर्म हमारे विचार व्यवहार में प्रतिबिंम्बित होता है ।देखते हैं कि लोग आपस में एक दूसरे के मध्य उलझ रहे। हमें अपने भीतर एक साधक को जन्म देने का प्रयास करना चाहिए जीवन में एक नई चमक पैदा होगी। आज हम सब बड़े बाबा के चरणों में अर्घ समर्पित करने एकत्र हुए हैं ।प्रभु मेरे जीवन में श्रद्धा हो, संवेदना हो ,समझ हो, मर्यादा हो ऐसा कुछ किया तो नया होगा ।नया करने से नया होता। जो करना है अभी करो बीता हुआ कल कैसा है, निरस्त चेक जैसा है ।भुना लो जितना भुना सको। कितने दिन कितने पल बीत गए। एक दिन में 24 घंटे, घंटे में मिनट कितने, सेकंड होते है। 86400 सेकंड मिले हैं। चाहे गप गोष्ठी में बर्बाद कर दें या इस वर्ष में कुछ नया करने की प्रेरणा लें। दोपहर में शंका समाधान का कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें उपस्थित श्रद्धालु भक्तों ने अपनी अपनी शंकाओं का समाधान पाया। 2 जनवरी प्रातः बड़े बाबा के श्री चरणों में मुनि श्री का मंगल प्रवचन हुआ। दोपहर में शंका समाधान का कार्यक्रम किया गया।
भजन संध्या में गूंजे बड़े बाबा के जयकारे
नए वर्ष की पूर्व संध्या पर बड़े बाबा मंदिर परिसर में बने भव्य पंडाल में एक शाम बड़े बाबा के नाम भक्ति संध्या में देश के विभिन्न अंचलों से आए श्रद्धालु भक्त देर रात तक भक्ति गीतों की सुमधुर प्रस्तुति पर झूमते नाचते बड़े बाबा की भक्ति कर आनंद लेते रहे। जहां एक और भजन गायिका प्रियांशी जैन ने ‘बना लो मन को मंदिर सा तभी भगवान आएंगे’ गीत से मंगलाचरण किया। ‘बड़े बाबा मेरे आदिनाथ मैं तेरी भक्ति करूं दिन रात शरण मोह रख लीजे’ भजन की सुंदर प्रस्तुति की। गायक नीलेश जैन बुढार ने ‘णमोकार णमोकार महामंत्र णमोकार’ भजन गीत, एक बार दरश जो पाये इनका ही हो जाए, बड़े बाबा के चरणों छत्र चढ़ाने आया हूं ,बाबा कुंडलपुर वाले हम सबके रखवाले, खबर मोरी लय रइयो कुंडल गिरी के बड़े बाबा आदि भजन गीतों से उपस्थित जनसमूह को भक्ति के रंग में डुबाये रखा। पूज्य बड़े बाबा की महाआरती में अपार जन समूह उमड़ पड़ा और देर रात तक बड़े बाबा के जयकारे गूंजते रहे। इस अवसर पर हटा विधायक उमादेवी खटीक ,अशोक गंगवाल जयपुर, कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष चंद्र कुमार सराफ,महामंत्री आर के जैन सहित कमेटी पदाधिकारी सदस्यों की उपस्थिति रही।













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