श्री शांतिनाथ सेवा संघ दिल्ली द्वारा वार्षिक तीर्थयात्रा महोत्सव के रूप में 621 साधर्मी बंधुओं को अयोध्या बनारस की तीर्थ वंदना कराने का पुण्यशाली कार्य किया जा रहा है। तीर्थयात्रा 23 जनवरी को चार ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली, आगरा एवं झांसी से रवाना होगी। मुरैना/दिल्ली से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना/दिल्ली। तीर्थयात्रा करना और कराना दोनों ही पुण्य संचय के कार्य हैं। इसी संदर्भ में श्री शांतिनाथ सेवा संघ दिल्ली द्वारा वार्षिक तीर्थयात्रा महोत्सव के रूप में 621 साधर्मी बंधुओं को अयोध्या बनारस की तीर्थ वंदना कराने का पुण्यशाली कार्य किया जा रहा है। तीर्थयात्रा 23 जनवरी को चार ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली, आगरा एवं झांसी से रवाना होगी। तीर्थयात्रा समिति के मुख्य संयोजक गोकुलचंद जैन दिल्ली ने बताया कि 23 जनवरी को रवाना होने वाली यात्रा में सम्मिलित होने वाले 621 साधर्मी बंधुओं के परिवहन, आवास, चाय, नाश्ता, भोजनादि की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। सभी यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे सभी अपना ओरिजनल आधार कार्ड, एक ताला चाबी एवं आवश्यकतानुसार गर्म कपड़े आवश्यक रूप से साथ लेकर चलें। यात्रा के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए समिति का गठन किया गया है। जिसमें सभी को विभिन्न व्यवस्थाओं का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। यात्रा संबंधी सभी आवश्यक जानकारियां एवं निर्देशों से यात्रियों को अवगत कराया जा रहा है।
व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे पदाधिकारी
पांच दिवसीय तीर्थयात्रा का संचालन श्री शांतिनाथ सेवा संघ की समिति कर रही है। सेवा संघ के अध्यक्ष हरिश्चंद्र जैन, उपाध्यक्ष सुनील जैन, महामंत्री दिनेश जैन टीटू, कोषाध्यक्ष अजय जैन अजिया और प्रदीप जैन, मंत्री राजकुमार जैन पप्पू, यातायात मंत्री दीपक जैन दीपू, संगठन मंत्री विशाल जैन, मनोज जैन टिंकल, मीडिया प्रभारी लोकेंद्र जैन तथा प्रचार मंत्री अंकित जैन, संजय जैन (मुरैना) दिन-रात कठिन परिश्रम कर यात्रा की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यात्रा के दौरान सभी जिम्मेदार पदाधिकारी पूरी निगरानी रखते हुए यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखेंगे।
चार ट्रेन से रवाना होंगे तीर्थयात्री
ज्ञातव्य हो कि श्री शांतिनाथ सेवा संघ विगत वर्षों से वार्षिक तीर्थयात्रा का आयोजन कर रहा है। इस वर्ष की तीर्थ यात्रा 621 तीर्थयात्रियों के समूह के साथ 23 जनवरी को चार ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली, आगरा एवं झांसी से एक साथ रवाना होगी। तीर्थ यात्रियों का समूह प्रथम दिन 24 जनवरी को प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी की जन्म स्थली श्री अयोध्याजी पहुंचेंगे। सभी जन अयोध्याजी के सभी जिनालयों की वंदना एवं अन्य दर्शनीय स्थलों का भ्रमण के साथ ही आर्यिका ज्ञानमती माताजी ससंघ से आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। द्वितीय दिवस 25 जनवरी को सभी बंधु रत्नपुरी, धर्मनगरी और श्रावस्ती की वंदना करेंगे। अंतिम दिन 26 जनवरी को 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ स्वामी की जन्म स्थली बनारस पहुंचकर पूजन-अर्चन करेंगे।













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