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आर्यिका श्री विशाश्री माताजी संसघ की हुई भव्य अगवानी : बड़नगर समाज की एकता की तारीफ की


आचार्य श्री विराग सागरजी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री विशाश्री माताजी 16 आर्यिका माताजी का संसघ का मालवा की धर्मनगरी बड़नगर में शनिवार को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। बड़नगर से पढ़िए, यह खबर…


 बड़नगर। आचार्य श्री विराग सागरजी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री विशाश्री माताजी 16 आर्यिका माताजी का संसघ का मालवा की धर्मनगरी बड़नगर में शनिवार को भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आर्यिका माताजी संसघ की भव्य अगवानी में विधायक जितेन्द्र पंड्या, नगरपालिका अध्यक्ष अभय टोंग्या, पूर्व विधायक मुरली मोरवाल, नरेन्द्रसिंह राजावत, अशोक गोधा, गुणवन्त टोंग्या, नवीन काला, संजय पाटनी, अशोक शाह, नरेंद्र शाह, संजय बिलाला, प्रमोद गोधा, संजय पापलिया, मनोज बिलाला, सुनील कासलीवाल, प्रदीप गदीया, नवीन बिलाला, जितेन्द्र कासलीवाल नमन बाकलीवाल, रजत टोंग्या, सार्थक वेद आदि सभी वरिष्ठ समाजजन शामिल रहे। इन्होंने माताजी की अगवानी की।

शोभायात्रा स्वाध्याय भवन पहुंची

मंगल प्रवेश अपने आप में अलौकिक था। बड़नगर अपने नाम की सार्थकता को सिद्ध कर रहा था। भक्तिमय भजनों की धुन वातावरण को भक्तिमय बना रही थी। जब महिला मंडल अपनी ड्रेस कोड में मंगल कलश को लेकर संघ अगवानी कर रही थी तब विनय सत्कार का एक अलौकिक उदाहरण प्रस्तुत हो रहा था। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्ग से होते हुए स्वाध्याय भवन में संपन्न हुई, जो धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। बड़नगर समाज ने आर्यिका माताजी को श्रीफल भेंट कर चातुर्मास बड़नगर में हो इसका निवेदन किया। धर्मसभा में चित्र अनावरण तेजकुमार प्रदीप, प्रमोद गोधा परिवार द्वारा, पाद प्रक्षालन अशोक कुमार, सुशील कुमार गोधा परिवार द्वारा किया गया। शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य शांतिलाल, मनोज कुमार संजय कुमार बाकलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ।मंगलाचरण मोना बाकलीवाल सिल्की टोंग्या ने किया। धर्म सभा का संचालन नरेंद्र कासलीवाल ने किया।

 बड़नगर अपने नाम की सार्थकता को सिद्ध करता है

मध्य प्रदेश राज्य के मालवा में स्थित बड़नगर अपने नाम की सार्थकता को सिद्ध करता है। बड़नगर सचमुच बड़ा ही नगर है। संतों की सेवा भक्ति समर्पण में बड़नगर अछूता नहीं है। जिसकी तारीफ आर्यिका विशाश्री माताजी ने की। आर्यिका माताजी ने चातुर्मास होने की स्मृति को साझा करते हुए कहा कि जब इंदौर में पहली बार बड़नगर समाज ने चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट कर निवेदन किया तो मैं आश्चर्य में पड़ गई कि बड़नगर कहां पर है। मेरा चातुर्मास कोलकाता, संभाजी नगर, जयपुर आदि जगह पर हुआ है। बड़नगर मालवा में पहली बार हो रहा है। माताजी कुछ भी नहीं बोल पाई। पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी का आदेश हुआ कि आप को बड़नगर में चातुर्मास करना है। उन्होंने बड़नगर की जमकर तारीफ की और कहा कि बड़नगर जैन समाज की एकता देखते ही बनती है। इसलिए यह बड़भागा नगर है। यह जानकारी मनीष टोंग्या ने दी है।

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