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पट्टाचार्य के बाद प्रथम आयोजन गोमटगिरी पर सम्पन्न : विशुद्ध सागरजी महाराज का भव्य स्वागत, महामस्तकाभिषेक एवं वात्सल्य भोज का आयोजन


पट्टाचार्य महोत्सव के पट्टाचार्य आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ का पहला प्रमुख आयोजन रविवार को गोमटगिरी पर संपन्न हुआ। प्रातः 6 बजे सुमति धाम से शोभायात्रा के रूप में संघ का गोमटगिरी प्रवेश हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पढ़िए नीता राजेश जैन की यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। पट्टाचार्य महोत्सव के पट्टाचार्य आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ का पहला प्रमुख आयोजन रविवार को गोमटगिरी पर संपन्न हुआ। प्रातः 6 बजे सुमति धाम से शोभायात्रा के रूप में संघ का गोमटगिरी प्रवेश हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रातः 10 बजे आहारचर्या सम्पन्न हुई, जिसमें आचार्य श्री को आहार देने का सौभाग्य कैलाश विजयवर्गीय को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उन्होंने भावुक होकर कहा, “गुरुदेव को आहार कराकर मेरा जीवन धन्य हो गया।” दोपहर 3 बजे समाजजनों को आचार्य श्री के प्रवचनों का लाभ मिला। प्रवचन में उन्होंने कहा, “जिसके गृह में कलेश नहीं, वही गृह सर्वश्रेष्ठ है। परम आनंद की प्राप्ति का लक्ष्य स्वाध्याय से संभव है। दिन के सारे घंटे दुनिया और परिवार के लिए होते हैं, पर यदि हम सिर्फ एक मिनट स्वयं के लिए निकालें, तो जीवन संवर सकता है।” शाम 5 बजे भगवान बाहुबली का महामस्तकाभिषेक अत्यंत भव्यता से सम्पन्न हुआ। सुमति धाम के मनीष गोधा और सपना गोधा का सम्मान भरत मोदी ने किया

महामस्तकाभिषेक के पुण्यार्जक

प्रथम कलश का सौभाग्य संजय पाटोदी परिवार एवं महेन्द्र बड़जात्या परिवार को, द्वितीय कलश का हिरेश जैन (सीए) परिवार एवं आर.के. जैन रानेका परिवार को और तृतीय कलश का सौभाग्य एस.के. जैन (इंडोरामा) परिवार एवं प्रतिपाल टोग्या परिवार को प्राप्त हुआ।

शांति धारा के पुण्यार्जक विकास जैन (JMB परिवार) रहे। पूर्ण आयोजन के मुख्य पुण्यार्जक भरत-कुसुम मोदी परिवार रहे। वहीं 2100 रुपए की राशि में समाज जन भी भगवान बाहुबली जी के महाभिस्तकाभिषेक के सहभागी बने। इसके अलावा 2500 रुपए की राशि में पट्टाचार्य के सानिध्य में 24 तीर्थंकर भगवान की ध्वजा का पुण्य लाभ समाज जनों द्वारा प्राप्त किया गया।

विशेष संकल्प

इस मौके पर कैलाश विजयवर्गीय द्वारा 51 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया, जिसे सभी ने सराहा। उन्होंने गुरुदेव से पितृ पर्वत पर चलने का आग्रह किया।

वात्सल्य भोज

महामस्तकाभिषेक उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन सौरभ पाटोदी ने किया

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