पर्युषण पर्व 2025 की समाप्ति पर गांव में पारंपरिक रजत गंधकुटी में विराजित श्री जी के साथ प्राचीन काष्ठ रथ की भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए गोचरण मैदान तक निकली। वागड़ और मेवाड़ क्षेत्र में गांव की प्रसिद्ध फूलमाला की बोली का लाभ इस वर्ष दीपेश अशोक के शाह परिवार को मिला। डडूका से पढ़िए, यह खबर…
डडूका। पर्युषण पर्व 2025 की समाप्ति पर गांव में पारंपरिक रजत गंधकुटी में विराजित श्री जी के साथ प्राचीन काष्ठ रथ की भव्य शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए गोचरण मैदान तक निकली। वागड़ और मेवाड़ क्षेत्र में गांव की प्रसिद्ध फूलमाला की बोली का लाभ इस वर्ष दीपेश अशोक के शाह परिवार को मिला। पूर्व संध्या पर जैन युवा समिति द्वारा रथोत्सव 2025 सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। इसमें समाज की मेधावी प्रतिभाओं को सरपंच रेखा महवाई, समाज अध्यक्ष राजेश शाह, युवा समिति अध्यक्ष अंकित शाह, सचिव सुमित शाह, कोषाध्यक्ष दिनेश शाह, रमणलाल शाह आदि ने सम्मानित किया। प्रातः जैन मंदिरजी में छत्र, चंवर जिनवाणी, छड़ी, तोरण,वेंजणा एवं फूल माला आदि से रथ सजाना और श्रीजी को गणधरकुटी में विराजमान करने आदि पात्रों का चयन बोली के माध्यम से हुआ।
धर्मध्वज पताका लेकर अश्व सवार, ऊंट सवार बैंडबाजा के साथ श्रद्धालु नाचते-गाते हुए होली चौक पहुंचे और गंधकुटी में विराजित भगवान का समवशरण मेला लगा। जिसमें सर्व धर्म के लोग शामिल हुए। दोपहर में मेले में श्रद्धालुओं के साथ नाचते-गाते महिला, पुरुष और बच्चों और युवाओं ने प्राचीन काष्ठ रथ को गोचरण मैदान ले जाकर आदिनाथ भगवान के समोशरण में भगवान का अभिषेक, पूजन और द्रव्य चढ़ाए।
फूल माला का लाभ लेने वाले परिवार चर्या, निकिता, दीपेश अशोक शाह परिवार को समाज अध्यक्ष राजेश शाह ने फूलमाला पहनाकर समाज की ओर से अभिनंदन किया। ग्रुप 72 द्वारा वात्सल्य भोज का आयोजन हुआ और रात्रि में शाह परिवार द्वारा प्रभावना वितरण हुआ। जिसमें समस्त समाज जनों ने भाग लिया। अन्त में राकेश शाह ने पर्यूषण पर्व में विभिन्न दानदातार, तप साधना करने वाले साधर्मी, सांगानेर से पधारे दीपांक भैया जी एवं सहयोगी राजेंद्र कोठिया व सहयोग करने वाले अन्य सभी का समाज की ओर से आभार जताया।













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