मां अहिल्या की पावन नगरी की पुण्यभूमि गोम्मटगिरि तीर्थक्षेत्र में प्रथम बार इतिहास रचने जा रहा है। भव्य जैनेश्वरी दीक्षा गणाचार्यश्री विराग सागर जी एवं आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के मंगलमय आशीर्वाद से आचार्यश्री विभव सागर स्वर्णिम जयंती महामहोत्सव के दौरान होगी। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। मां अहिल्या की पावन नगरी की पुण्यभूमि गोम्मटगिरि तीर्थक्षेत्र में प्रथम बार इतिहास रचने जा रहा है। भव्य जैनेश्वरी दीक्षा गणाचार्यश्री विराग सागर जी एवं आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी के मंगलमय आशीर्वाद से आचार्यश्री विभव सागर स्वर्णिम जयंती महामहोत्सव के दौरान होगी। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आगामी 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक भव्य दीक्षा संस्कार दोपहर 12.05 से 4.12 बजे तक होंगे। जेनेश्वरी दीक्षा महोत्सव दीक्षा प्रदाता आचार्य श्री विभवसागर जी महाराज संसघ के करकमलों से संपन्न होगा।
ददू ने कहा कि यह आयोजन आत्मकल्याण, त्याग और भक्ति का अद्वितीय महामहोत्सव पर्व होगा। महोत्सव में विशेष आकर्षण दीक्षार्थी भैया एवं बहनों की भव्य वैराग्य शोभायात्रा, दीक्षा संस्कार दर्शन, हल्दी-मेहंदी संस्कार एवं भावी दीक्षार्थीयों का समाज के लिए संदेश एवं आचार्य भगवंतों की मंगल देशना होगा तो आइए, हम इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी सहभागी बनें अपना जीवन धन्य करें। नमोस्तु शासन जयवंत हो।













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