समाचार

अहमदाबाद के ओढव में भव्य गुरु भक्ति गरबा महोत्सव मनाया: गुरु चरणों में वंदन कर 1008 दीपकों से भव्य महाआरती की 


शरद पूर्णिमा पर अहमदाबाद के ओढव में भव्य गुरु भक्ति गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन शरद पूर्णिमा ओढव क्षेत्र में धनलक्ष्मी सोसायटी में हुआ। इस शुभ अवसर पर दिगंबर जैन परंपरा के महान गुरुओं-आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज, आचार्य श्री समयसागरजी, आचार्य श्री सुनील सागरजी एवं गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस पर विशेष गुरु आराधना की गई। ओढ़व अहमदाबाद से पढ़िए, यह खबर…


ओढ़व (अहमदाबाद)। शरद पूर्णिमा पर अहमदाबाद के ओढव में भव्य गुरु भक्ति गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन शरद पूर्णिमा ओढव क्षेत्र में धनलक्ष्मी सोसायटी में हुआ। इस शुभ अवसर पर दिगंबर जैन परंपरा के महान गुरुओं-आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज, आचार्य श्री समयसागरजी, आचार्य श्री सुनील सागरजी एवं गणिनी प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस पर विशेष गुरु आराधना की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

गुरु चरणों में वंदन कर 1008 दीपकों से भव्य महाआरती करके भक्ति भाव से सजे पारंपरिक गरबा के माध्यम से गुरुभक्ति का प्रसार करना रहा। इस आयोजन में मेयर प्रतिभा बेन राकेशकुमार जैन एवं कॉर्पाेरेटर मुकेश भाई पटेल भी उपस्थित रहे।

यह समूह और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे

इस अवसर पर 700-800 युवक-युवतियों ने पारंपरिक परिधानों में गरबा किया। जिससे प्राचीन संस्कृति आधुनिक उत्साह के साथ जीवंत हो उठी। इस अवसर पर 1500 से 1700 श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले संगठन दीया समूह, आगम फाउंडेशन, नेमी कुमार समूह, अविजीत समूह, पारसनाथ महिला मंडल, शांतिनाथ महिला मंडल और कई स्थानीय मंदिर एवं युवा समूह रहे। 8 से 10 राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय चैनल ने कवरेज किया। शांति नेट फाउंडेशन के कार्यक्रम को निरंतर अपडेट किया।

शांतिनाथ फाउंडेशन की स्थापना आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी ने करवाई

शांतिनाथ फाउंडेशन और उसके मेंबर्स ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अहमदाबाद के सभी बंधु ओं ने भी तन,मन और धन से सहयोग किया। समर्थन प्रदान करने वाले सभी प्रमुख व्यक्तियों का तिलक, माला, शाल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। शांतिनाथ फाउंडेशन के अध्यक्ष ने दिगंबर जैन समाज के उत्थान हेतु कार्य करते रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। वे आचार्य श्री विद्यासागरजी के सिद्धांतों जैसे इंडिया ही नहीं भारत, मातृभाषा हिंदी, गौरक्षा का प्राथमिकता से पालन करने में सक्रिय रहेंगे। शांतिनाथ फाउंडेशन की स्थापना आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी के धनलक्ष्मी सोसायटी के श्री 1008 दिगंबर जैन मंदिर के आगमन पर उनके आशीर्वाद से हुई थी। यह सारे कार्यक्रम गुरु मां श्री पूर्णमति माताजी के आशीर्वाद से ही हुए। शांतिनाथ फाउंडेशन गुरु मां के चरणों में वंदामी करता है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page