नासिक में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ से पहले ही जिले की पावन धरती पर एक और आस्था का महासागर उमड़ने जा रहा है। ऐतिहासिक जिनबिंब पंचकल्याणक महामहोत्सव चांदवड तहसील के मालसाने स्थित विश्व प्रसिद्ध णमोकार तीर्थ में फरवरी 2026 में होने जा रहा है। चांदवड़ से पढ़िए, यह खबर…
चांदवड़। नासिक में प्रस्तावित सिंहस्थ कुंभ से पहले ही जिले की पावन धरती पर एक और आस्था का महासागर उमड़ने जा रहा है। ऐतिहासिक जिनबिंब पंचकल्याणक महामहोत्सव चांदवड तहसील के मालसाने स्थित विश्व प्रसिद्ध णमोकार तीर्थ में फरवरी 2026 में होने जा रहा है। जैन धर्म के विश्व स्तरीय ऐतिहासिक जिनबिंब पंचकल्याणक महामहोत्सव महाकुंभ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटेंगे। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि 6 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस ऐतिहासिक जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव न केवल जैन समाज, बल्कि संपूर्ण भारत एवं देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक पर्व सिद्ध होने वाला है। आचार्यश्री देवनंदी महाराज का स्वप्न साकार हो रहा है। आचार्य श्री देवनंदिजी महाराज ने वर्षों पूर्व कोल्हापुर महाराष्ट्र के समीप कुंथूगिरी में जिस भव्य तीर्थ की परिकल्पना की थी। वह अब पूर्णता की ओर अग्रसर हो चुका है। भगवान श्रीराम के पदचिह्नों से पावन रामटेकडी (मालसाने) की लगभग 12 हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक भूमि पर 27 एकड़ में फैला यह विशाल तीर्थ, आस्था और स्थापत्य का अनुपम संगम बन रहा है।
समवशरण में 24 तीर्थंकर जिनालय स्थापित होंगे
2014 में शुरू हुआ निर्माण कार्य अब अपने जिनबिंब पंचकल्याणक महोत्सव के लिए तैयार हो गया है।णमोकार तीर्थ के अध्यक्ष नीलम अजमेरा और बाल ब्रह्मचारी वैशाली दीदी के अनुसार, यह महोत्सव अपने स्वरूप और भव्यता में अब तक का अद्वितीय विशाल आयोजन होगा। दद्दू ने बताया कि 108 फीट ऊंचा विशाल समवशरण होगा। 5.5 एकड़ में फैले इस भव्य समवशरण में त्रिकाल चौबीसी, सहस्रकूट जिनालय और 24 तीर्थंकर जिनालय स्थापित होंगे। इस महामहोत्सव में 3000 से अधिक जिनबिंब प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा होगी।
36.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी
महामहोत्सव के लिए 36.35 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। पूरे भारत एवं देश-विदेश से अनुमानित 15 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 36.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत पक्की सड़कें, बिजली-पानी की व्यवस्था, हेलीपैड, विशाल पार्किंग और 450 शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों। कार्यक्रम तैयारी अंतिम चरण में है और वर्ष 2026 में यहां जैन धर्म समाज संस्कृति के महाकुंभ का साक्षी बनने का दुर्लभ अवसर संपूर्ण जैन समाज को मिलने जा रहा है।
आयोजन की अन्य विशेषताएं
पंचकल्याणक नगर 125 एकड़ में फैला विशाल परिसर, 1 लाख वर्गफुट का भव्य मंडप और 108 फीट ऊंचा श्श्री देवकीर्तीश् विशाल ध्वज फहराया लगाया जाएगा। वैदिक उपस्थिति में 300 से अधिक विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ संस्कार किया जाएगा। 2000 श्रद्धालुओं के लिए 300 सुइट्स, 700 अस्थायी कक्ष और 50 डोरमैटरी की व्यस्था की जाएगी। महोत्सव की तैयारियां अंतरराष्ट्रीय समिति के मार्गदर्शन में युद्धस्तर पर चल रही हैं। संतोष पेंढारी (राष्ट्रीय अध्यक्ष), दिनेश शेठी (कोषाध्यक्ष), कमल ठोल्या (सचिव), पारस लोहाड़े (राष्ट्रीय प्रचार संयोजक), विनोद पाटणी और जमणालाल हपावत (कलश आवंटन समिति) इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।













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