दीपावली न तो पटाखों का पर्व है, न सजावट और मेल-मिलाप का, बल्कि यह संसार से मुक्त होने और सम्पूर्ण ज्ञान प्राप्त करने का आध्यात्मिक पर्व है। इस पावन अवसर पर हमें अपने आराध्य के समक्ष अपने आचार और विचार को शुद्ध करने का संकल्प लेना चाहिए। दीपोत्सव के अवसर पर पढ़िए, सम्पादक रेखा संजय जैन का यह आलेख
सच्ची दीपावली वह है, जब भीतर का अंधकार मिटे और आत्मा में प्रकाश फैले




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