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श्रीमद् पंच कल्याणक महोत्सव में निकलेगी गजरथ की फेरी : सवा करोड़ मंत्रो के साथ आहुतियां समर्पित की जाएगी


मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रातः काल भगवान के तप कल्याणक का महा पूजन हुआ। अशोक नगर से पढ़िए, यह खबर…


अशोक नगर। मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, मुकेश भैया के निर्देशन में चल रहे श्री मद् जिनेंद्र पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ में प्रातः काल भगवान के तप कल्याणक का महा पूजन हुआ। मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में महामुनि आदि सागर जी की पडगाहन विधि की गई।आज महा मुनि राज की आहार चार्य हो रही है। आज से ही दान तीर्थ का प्रवर्तन हुआ था। जब स्वयं भरत चक्रवर्ती ने राजा सोम श्रेयांस के दान की प्रशंसा करते हुए उनका हस्तिनापुर पहुंच कर बहुमान किया था।

मुझे याद आ गया वो पल जब आचार्य श्री को आहार देने अभाना का दृश्य आचार्य श्री के करकमलों में ग्रास रखा। आठ दिन के त्याग में तीन चार ग्रास लिए। आचार्य श्री ने क्या देखा उनकी दृष्टि में क्या चमत्कार मेरे समान वह दृश्य आज तक मेरी आंखों में झलक रहा है। आठ दिन से आगे नियम लिया ही हर समय आनंद उमड़ता मन आनंद से भरा रहता। इस समय इस पंचम काल में मुनि पद में जो आनंद है उसका कहना ही क्या। चतुर्थ काल जंगलों में मुनि महाराज को शेर खा जाये तो पता नहीं आज तो संत शाला में मच्छर भी नहीं आ सकता। कमेटी ने जालियां लगा रखी है। आज संयम लेने का सबसे अच्छा मौका है। आज महा मुनि को केवल ज्ञान की प्राप्ति हो गई। अब उन्ही से दिव्य ध्वनि सुनने को मिल रही है। इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में चल रहे विश्व शांति महायज्ञ में सवा करोड़ मंत्रो के साथ आहुति समर्पित की जाएगी। इसके बाद दोपहर में भगवान जिनेन्द्र देव की भव्य अति भव्य गजरथ यात्रा की सात फेरियां पूरे अयोध्या नगरी की होगी। जहां बेदी पर प्रभु विराजमान हैं। इस भव्य शोभायात्रा में सबसे आगे आगे मुनि संघ के साथ गजरथ और अन्य रथ बैन्ड वाज़े इन्द्र इन्द्रणी सहित मुख्य पात्र रथों पर सवार होकर चलेंगे। जैन समाज अध्यक्ष राकेश कांसल, उपाध्यक्ष अजित वरोदिया, प्रदीप तारई, राजेन्द्र अमन, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मंत्री विजय धुर्रा, मंत्री संजीव भारिल्य, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार, ऑडिटर संजय केटी संयोजक मनोज रन्नौद, उमेश सिंघई, मनीष सिंघई, श्रेयांस घैला, थूवोनजी अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल महामंत्री मनोज भैसरवास ने सभी से सभी कार्यक्रमों में शामिल होने का निवेदन किया है।

 

 पुण्य का छट्टा भाग सीमा पर सैनिकों को मिलता है

 

इस दौरान मुनिश्री ने कहा कि मैं पहले भी कह चुका हूं कि आज जो आप धर्म कर रहे हैं। शांति से यज्ञ-हवन कर रहे हैं। इसमें सीमा पर बैठ सैनिकों का सबसे ज्यादा योगदान है। उन्हें भी इन महोत्सवों का छः भाग पुण्य का मिलता है। शादी में भी चमत्कार शास्त्रों में आया है। मैनासुन्दरी ने माता-पिता के पसंद से शादी को चाहती तो मना कर सकती थी लेकिन, नहीं माता-पिता, संसार के कार्य वहीं करना जो माता पिता कह देगा। जो मां खिलाने की इच्छा होगी। माताओं से कहना है कि अपने बेटे की इच्छा से नहीं है अपनी इच्छा से करना। आप को भारत में जन्म लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

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Shreephal Jain News

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