परतापुर में 41 वां अमृतमय पावन वर्षायोग पुर्ण होने पर आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं आचार्य कल्प श्री विवेक सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ का परतापुर से प्रथम विहार करते हुए शुक्रवार को प्रातः गाजे-बाजे के साथ डडूका के नसियाजी क्षेत्र सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मंगल प्रवेश हुआ। डडूका से पढ़िए, यह खबर…
डडूका। परतापुर में 41 वां अमृतमय पावन वर्षायोग पुर्ण होने पर आचार्य श्री विद्यासागर जी एवं आचार्य कल्प श्री विवेक सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री विज्ञान मति माताजी ससंघ का परतापुर से प्रथम विहार करते हुए शुक्रवार को प्रातः गाजे-बाजे के साथ डडूका के नसियाजी क्षेत्र सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मंगल प्रवेश हुआ। पाठशाला के बच्चों ने विद्यालय के घोष वादन के साथ माताजी की भव्य अगवानी की। आर्यिका संघ को जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य डॉ. कदम, डॉ. सिजल, रीता, राकेश शाह परिवार को मिला। समाज के समस्त पंचों, जैन युवा समिति, प्रभावना महिला मंडल की बहनों, पाठशाला परिवार ने आर्यिका संघ को शीतकाल वाचना डडूका में करने के लिए श्रीफल भेंट किया। आर्यिका श्री आदित्य मति माताजी ने श्रावकों को देव, शास्त्र और गुरु की शरण में रहने की प्रेरणा दी।
आर्यिका विज्ञान मति जी ने अपने प्रवचन में कहा कि सकारात्मक सोच के साथ अच्छे भाव से काम करने वाले को सफलता अवश्य मिलती हैं। गुलाबी सर्दी के शुभारंभ में माताजी का मंगल प्रवेश डडूका नगरी को धर्ममय और अहिंसा रंग से सराबोर कर गया। चातुर्मास से पूर्व डडूका जैन समाज को पुनः डडूका आने का वचन आज माताजी ने ससंघ प्रवेश कर पूरा किया। संचालन राजेंद्र कोठिया ने किया। यह जानकारी समाज अध्यक्ष राजेश शाह एवं युवा समिति अध्यक्ष अंकित शाह ने दी।













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