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अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ निकली चक्रवर्ती रजत रथयात्रा : कलेक्टर आदित्य सिंह और एसपी राजीव मिश्रा ने किया मुनिश्री के साथ 10 किलोमीटर का पदविहार


अशोकनगर में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में तीर्थ दर्शनोदय थूवोनजी से जुड़ी चक्रवर्ती रजत रथयात्रा अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ निकली। प्रशासनिक अधिकारियों, समाज के पदाधिकारियों और हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से नगर धर्ममय हो उठा। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की रिपोर्ट…


अशोकनगर। परम पूज्य राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में, तीर्थ दर्शनोदय थूवोनजी से जुड़ी भव्य चक्रवर्ती रजत रथयात्रा शनिवार को सुभाषगंज मैदान से अभूतपूर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हुई। इस ऐतिहासिक आयोजन में कलेक्टर आदित्य सिंह, पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा सहित जिला प्रशासन के अधिकारीगण भी शामिल हुए और मुनिश्री के साथ लगभग 10 किलोमीटर का पदविहार किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा — “अगर रावण ने पति पुराण के साथ पड़ोसी पुराण भी पढ़ी होती, तो वह दशहरा मैदान तक नहीं पहुँचता। जहाँ मंदिर पास में हो, जहाँ संतों का आगमन हो सके, और सज्जन लोगों का वास हो — वही स्थान शुभ है।” उन्होंने आगे कहा कि “गाड़ी का आशीर्वाद ऐसा लो कि किसी जीव की हिंसा न हो। धर्म से जुड़ा कार्य ही सफलता का मार्ग बनता है।”

भव्य शोभायात्रा और झांकियों का आकर्षण

भरत चक्रवर्ती के रथ पर भव्य सजावट की गई थी, जिसमें रजत विमान पर विराजमान भगवान का दिव्य रूप मनमोहक था। चौबीस वाघियों पर इंद्र-इंद्राणियों की आकर्षक झांकियां नगरवासियों के आकर्षण का केंद्र बनीं। मध्यप्रदेश के शाढ़ौरा, पिपरई, ईसागढ़, मुंगावली और उत्तरप्रदेश के ललितपुर, करैरा, महरौनी सहित कई तीर्थों से श्रद्धालुओं की टोलियां पहुंचीं। पुष्पवृष्टि, भक्ति संगीत और जयघोषों से नगर का वातावरण धर्ममय हो उठा।

जैन समाज का संगठनात्मक सहयोग

रथयात्रा के सफल आयोजन में जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल, महामंत्री राकेश अमरोद, कोषाध्यक्ष सुनील अखाई, उपाध्यक्ष अजित बरोडिया, मंत्री शैलेन्द्र श्रागर, मीडिया प्रभारी अरविंद कचनार सहित अनेक गणमान्य जनों ने सेवा दी। इस अवसर पर थूवोनजी के प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। भक्ति, शांति और धर्म के रंगों में रँगी यह चक्रवर्ती रजत रथयात्रा अशोकनगर के धार्मिक इतिहास में सदा के लिए स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गई।

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