बांसवाड़ा जिले के नौगामा में पर्यूषण महापर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म पर विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई। इस अवसर पर अभिषेक, ध्वजारोहण, देव-शास्त्र-गुरु पूजन, भक्ति संगीत, गरबा और प्रवचन के साथ धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। पढ़िए सुरेश चन्द्र गांधी रिपोर्ट…
बांसवाड़ा जिले के नौगामा स्थित 1008 आदिनाथ भगवान महावीर समवसरण मंदिर, सुखोदय तीर्थ नसिया जी में पर्यूषण महापर्व का प्रथम दिन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बीना (मध्यप्रदेश) से संदीप भैया, राकेश भैया तथा विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी के सानिध्य में विशेष शांतिधारा अभिषेक संपन्न हुआ। प्रथम सौभाग्य पिंडारमिया संदीप जयंतीलाल, सुभाष छगनलाल पंचोली, विनोद लक्ष्मी लाल पंचोरी एवं विमल सागरमल को प्राप्त हुआ।
आदिनाथ मंदिर से श्रीजी को गाजे-बाजे के साथ पंडाल में लाकर गनगोटी पर विराजमान कराया गया। मंदिर में साथिया भरा गया और महिला मंडल व बालिका मंडल द्वारा 16 स्वप्न एवं अष्टप्रतिहारी विराजमान किए गए। ध्वजारोहण का सौभाग्य पिंडारमिया सुभाष मगनलाल को प्राप्त हुआ।
आष्टा (मध्यप्रदेश) से पधारे प्रसिद्ध गीतकार पंकज जैन के मधुर भजनों के साथ देव-शास्त्र-गुरु पूजन, सरस्वती पूजन और दशलक्षण पूजन भक्ति भाव से संपन्न हुए। श्रद्धालु गरबा नृत्य में शामिल हुए और धर्मानंद का अनुभव किया।
क्षमा आत्मा का सर्वोत्तम गुण
दोपहर में संदीप भैया ने उत्तम क्षमा धर्म पर मंगल प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि क्षमा आत्मा का सर्वोत्तम गुण है, जो संबंधों में प्रेम और समन्वय लाता है। शाम को मंदिर में मंगल आरती के बाद जैन पाठशाला के छात्रों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं और प्रश्न मंच के माध्यम से क्षमा धर्म का महत्व बताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। आयोजन की जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने दी।













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