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औंकार की ध्वनि से गूंजा श्री क्षेत्र अरिहंत गिरी : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बच्चों को बताए उद्देश्य 


विश्व योग दिवस के अवसर पर तमिलनाडु प्रांत स्थित श्री क्षेत्र अरिहंत गिरी तिरुमलाई में भट्टारक चिंतामणि स्वस्ति श्री धवल कीर्ति महास्वामी जी के सानिध्यएवं विचारपट्ट भट्टारक प्रमेय सागर स्वामी जी के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अरिहंत गिरी से पढ़िए, यह खबर…


अरिहंत गिरी। विश्व योग दिवस के अवसर पर तमिलनाडु प्रांत स्थित श्री क्षेत्र अरिहंत गिरी तिरुमलाई में भट्टारक चिंतामणि स्वस्ति श्री धवल कीर्ति महास्वामी जी के सानिध्यएवं विचारपट्ट भट्टारक प्रमेय सागर स्वामी जी के निर्देशन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहला अवसर था, जब किसी दिगंबर जैन मंदिर के परिसर में पूरे विश्व में मनाया जाने वाला योग दिवस भगवान श्री चंद्र प्रभु भगवान के सर्वार्थसिद्धि जिनमंदिरम के परिसर में मनाया गया। क्षेत्र में चल रहे सरिता महेंद्र जैन द्वारा संचालित स्कूल के बच्चों द्वारा इस योग दिवस का आयोजन किया गया। स्वामी जी द्वारा बच्चों को योग का उद्देश्य बताया गया। धवलकीर्ति स्वामी जी ने योग पर अपनी बात रखते हुए कहा कि योग हम भारत वासियों के लिए नया नहीं है। यह अति प्राचीन है। जब साधु, संत, ऋषि और मुनि जंगलों में रहा करते थे तो वह योग और ध्यान के माध्यम से ही ईश्वर से जुड़ा करते थे। उनके जीवन का एक ही लक्ष्य होता था कि योग के माध्यम से अपने शरीर को जीवन को स्वस्थ कैसे रखें ताकि साधना कर सके। साधनों से तो जीवन जिया जाता है लेकिन, साधना से उसे जीवन का परम तत्व प्राप्त किया जाता है जिस उद्देश्य से हमने इस धरती पर जन्म लिया है।

योग से अनेकों असाध्य बीमारियों का इलाज

स्वामी जी ने कहा कि योग अंतर की गहराई में उतरने का एक साधन है। जब हम अंदर की गहराई पर जाते हैं। तभी ईश्वर से मुलाकात हो पाती है। योग से एक स्वस्थ जीवन की बुनियाद खड़ी होती है। हर एक की जीवन में योग का रहना उसी प्रकार आवश्यक है। जैसे प्रकृति में हवा और पानी का रहना आवश्यक है। योग और ध्यान के माध्यम से अनेकों असाध्य बीमारियों का इलाज भी होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए इस मिशन ने पूरे विश्व में भारत की एक अलग पहचान बनाई। जो योग ऋषि मुनियों तक सीमित था। उसे हमारे प्रधानमंत्री ने देश में ही नहीं बल्कि इस ब्रह्मांड के कोने-कोने तक पहुंचा दिया। हर जाति, हर संप्रदाय के लोगों ने इस योग को स्वीकार किया और 21 जून को पूरे विश्व में यह योग दिवस पूरे जोश के साथ मनाया जाता है। स्कूल के सीईओ बसंत शास्त्री ने बताया कि प्रतिवर्ष हम इस जैन मंदिर में, इस जैन मठ में योग दिवस का आयोजन करते हैं और स्कूल के सभी शिक्षकों द्वारा इस योग दिवस को मनाया जाता है।

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