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स्वस्तिधाम जैन मंदिर में 1.25 करोड़ की चोरी : आभामंडल, कछुआ और श्रीयंत्र ले उड़ा चोर, सीसीटीवी में कैद वारदात


शाहपुरा रोड स्थित प्रसिद्ध मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र स्वस्तिधाम मंदिर में गुरुवार रात 12:51 बजे अब तक की सबसे बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोर मंदिर के गर्भगृह में घुसकर भगवान की प्रतिमा से 1.3 किलो सोने और 3 किलो चांदी से बना आभामंडल, साथ ही श्री यंत्र और धातु से बना कछुआ चोरी कर ले गया। पढि़ए यह विशेष रिपोर्ट…। स्तोत्र दैनिक भास्कर भीलवाड़ा 


जहाजपुर। शाहपुरा रोड स्थित प्रसिद्ध मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र स्वस्तिधाम मंदिर में गुरुवार रात 12:51 बजे अब तक की सबसे बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोर मंदिर के गर्भगृह में घुसकर भगवान की प्रतिमा से 1.3 किलो सोने और 3 किलो चांदी से बना आभामंडल, साथ ही श्री यंत्र और धातु से बना कछुआ चोरी कर ले गया। चोरी की कुल कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये आंकी गई है।

घटना की पूरी जानकारी

चोर ने रात 12:51 से 1:07 बजे के बीच मात्र 16 मिनट में चोरी को अंजाम दिया। उसने पहले मंदिर परिसर में प्रवेश किया, खंभे से चुन्नी बांधकर ऊपर चढ़ा और प्रथम तल की खिड़की से अंदर घुसा। चोरी के बाद वह लगभग 10 फीट ऊंचाई से पानी में कूदकर फरार हो गया। सीसीटीवी में वह सफेद शर्ट और नीली पैंट में नजर आ रहा है, उम्र लगभग 25 साल बताई गई है और उसने चश्मा भी पहना हुआ था।

सुबह अभिषेक के दौरान हुई चोरी की जानकारी

सुबह मंदिर में अभिषेक के लिए जब श्रद्धालु पहुंचे, तब प्रतिमा से आभामंडल गायब मिला। इसके बाद मंदिर समिति द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। एडिशनल एसपी शाहपुरा राजेश आर्य, डीएसपी जहाजपुर नरेंद्र पारीक और थानाधिकारी राजकुमार नायक ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। एफएसएल और फोरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।

मंदिर समिति का बयान

मंदिर समिति के मंत्री पारस जैन ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि चोरी गया आभामंडल फरवरी 2024 में जयपुर से बनवाकर लाया गया था, जो भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा के पीछे स्थापित किया गया था।

पहले भी हो चुकी हैं चोरियां

31 जुलाई 2024 को अमरगढ़ स्थित 750 साल पुराने भगवान जगमोहनजी मंदिर से प्रतिमा और आभूषण चोरी हो चुके हैं।

10 फरवरी 2025 को हमीरगढ़ स्थित चामुंडा माता मंदिर से 60 लाख रुपये के आभूषण चोरी हुए थे, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

पुलिस के सामने चुनौतियां

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले एक महीने से मंदिर परिसर की रेकी कर रहा था।

मंदिर परिसर की भौगोलिक स्थिति की जानकारी रखने वाले किसी स्थानीय व्यक्ति के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है।

श्रद्धालुओं में रोष, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस वारदात को लेकर श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। कई लोगों ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

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