नेमी नगर जैन कॉलोनी में पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम उल्लास के साथ हुआ। मंगलाचरण दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। दीप प्रज्वलन सभी कलश स्थापना कर्ताओं एवं समाज के पदाधिकारियों ने किया। पढ़िए इंदौर से यह खबर…
इंदौर। पूज्य मुनि सागर जी महाराज ने अपने मंगल आशीष में कहा कि पिच्छिका संतों के अहिंसा व्रत के पालन का उपकरण है और इसके बिना संत 21 कदम भी नहीं चल सकते हैं। पिच्छिका प्रतिवर्ष बदलने का शास्त्रों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। नेमी नगर जैन कॉलोनी में पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम उल्लास के साथ हुआ। मंगलाचरण दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। दीप प्रज्वलन सभी कलश स्थापना कर्ताओं एवं समाज के पदाधिकारियों ने किया। कार्यक्रम में देवास, सुसनेर, पिड़ावा, मुंबई, आष्टा से गुरु चरणों में आए अतिथियों ने श्रीफल भेंटकर गुरु वंदना की। मुनि संघ का पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किये गए।
पूज्य मुनि मोन सागर जी महाराज को पिच्छिका प्रदान करने का सौभाग्य कैलाश दमयन्ती लुहाडिया एवं कैलाश शर्मिला काला, मुनि सागरजी महाराज को अतुल संगीता जैन एवं श्रेयांस राजुल बड़जात्या को, मुक्ति सागर जी महाराज को शीलू विवेक पाटनी एवं महावीर छाबड़ा प्राप्त हुआ। उपाध्यक्ष संदीप गंगवाल एवं प्रवीण पहाड़िया ने बतलाया कि मोन सागरजी महाराज की पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य शैलेश ममता अजमेरा को मुनि सागरजी की पिच्छिका का ज्योति पंकज जैन को एवं मुक्ति सागर जी की पिच्छिका हीरामणि धर्मेंद्रजी पाटनी को प्राप्त हुई।
इनका भी हुआ सम्मान
सभी प्रमुख कलश प्राप्त करने वाले प्रथम कलश दीपेश गोधा, राहुल जैन मुंबई, निलेश छाबड़ा देवास, महावीर छाबड़ा नेमीनगर एवं अतुल जैन नेमीनगर का सम्मान अभिनंदन किया गया। सभी चातुर्मास संयोजकों शैलेश ममता अजमेरा, मनीष मोनू श्वेता काला, रवि निविया वेद, शीलू विवेक पाटनी, ज्योति संजय सेठी का अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मान किया। स्वागत समाज अध्यक्ष कैलाश लुहाडिया, मंत्री गिरिश पटौदी, संदीप गंगवाल, राजेश बज पदाधिकारी परिषद के साथ महिला मंडल से दमयंती लुहाडिया, निर्मला पटौदी उर्मिला दोशी कल्पना जैन, ज्योति सेठी, शीलू पाटनी ने किया। समस्त चातुर्मास सहयोगियों का सम्मान भी किया गया। गुरु पूजा कल्पना जैन एवं शरद जैन ने की।
सभी के पूण्य की बहुत-बहुत अनुमोदना की
इस अवसर पर पूज्य मुनि सागर जी महाराज ने अपने मंगल आशीष में कहा कि पिच्छिका संतों के अहिंसा व्रत के पालन का उपकरण है और इसके बिना संत 21 कदम भी नहीं चल सकते हैं। पिच्छिका प्रतिवर्ष बदलने का शास्त्रों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। चातुर्मास के समापन पर बदलना एक परंपरा हो गई है। हां, यह जरूर है कि पिच्छिका जब अहिंसा व्रत को पालन करने में समर्थ न हो तब इसे तुरंत बदल देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नेमी नगर में हमारा यह पांचवा चातुर्मास नहीं पहला ही है। यहां सारा समाज गुरु भक्त, सेवक और धर्म निष्ठ है।
यह श्रद्धालुजन भी रहे मौजूद
इस अवसर पर संदीप गंगवाल, प्रवीण पाटनी, सुयश बाकलीवाल, पंकज पवैया, अशोक पाटनी,राजेश बज, छोटू भाई, उर्मिला दोषी, कौशल्या पतंग्य दमयंती लुहाडिया, निर्मला पाटोदी, मंजू जैन गुनावाले, स्मिता गंगवाल, कल्पना बाकलीवाल, रेखा पतंगया, ज्योति सेठी, सरिता जैन मणि अजमेरा, श्वेता कला, सोनू गंगवाल, कीर्ति काला, रवि बिलाला, राजेश पाटोदी ललित दोषी, इंद्र कुमार सेठी, तल्लीन बड़जात्या आदि अनेक समाज जन उपस्थित थे।
इस अवसर पर पुजारी संतोष जैन राजेंद्र जैन और लक्ष्मण,छोटू,बाबू,व्यास परिवार का अभिनंदन किया गया। मंगलाचरण किरण बड़जात्या, मनाली भुता अर्पिता पाटनी और वीणा सेठी द्वारा किया गया।
अध्यक्ष कैलाश लुहाडिया ने पूज्य मुनि संघ के प्रति कृतज्ञता प्रकट की एवं इस बात को निरूपित किया कि यह संघ अपने आप में सबसे अलग है, जो शुद्ध रूप से स्वाध्याय में रत रहते हैं। इन्होंने कभी किसी व्यवस्था की मांग नही की। प्रतिदिन स्वाध्याय करना और पढ़ना-पढाना ही इनका मुख्य लक्ष्य है। इस संघ का वर्षायोग होने से हम नेमीनगर वासी धन्य हो गए। इस अवसर पर सभी का आभार एवं क्षमा याचना भी की गई।
संचालन परम विदुषी ब्रह्मचारिणी मंजुला दीदी एवं महामंत्री गिरीश पटौदी ने किया ।













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