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पर्युषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव पर्व मनाया गया : अपने जीवन में कभी अहंकार मत रखो- मुनि श्री पुलक सागर


ऋषभदेव नगर के दिगम्बर जैन भट्टारक यशकीर्ति गुरुकुल में राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी गुरुदेव के सानिध्य में पर्युषण पर्व में 10 दिवसीय पाप विनाशक शिविर का आयोजन चल रहा है, जिसके दूसरे दिन आज उत्तम मार्दव पर्व मनाया गया। इस अवसर पर गुरुदेव पुलक सागर जी ने अपने प्रवचन में कहा कि अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर अखंड मौन व्रत धारण करने वाले थे। इस धरती पर यदि कोई सबसे ज्यादा केवल ज्ञान के बाद कोई मौन रहा हे तो वो भगवान महावीर ही हैं, जो लगातार 66 दिनों तक कुछ भी नहीं बोले। पढ़िए यह रिपोर्ट…


खैरवाड़ा। ऋषभदेव नगर के दिगम्बर जैन भट्टारक यशकीर्ति गुरुकुल में राजकीय अतिथि आचार्य पुलक सागर जी गुरुदेव के सानिध्य में पर्युषण पर्व में 10 दिवसीय पाप विनाशक शिविर का आयोजन चल रहा है, जिसके दूसरे दिन आज उत्तम मार्दव पर्व मनाया गया। दिगम्बर जैन दशा नरसिंहपुरा समाज के निर्माण मंत्री एवं शिविर संयोजक नरेंद्र किकावत एवं पुलक मंच के सक्रिय सदस्य चंद्र प्रकाश भानावत ने बताया कि शिविर में सैकडों लोगों ने भाग लिया। शिविरार्थी सुबह 6 बजे गुरुकुल प्रांगण में पहुंच गए। तत्पश्चात गुरुदेव के सानिध्य में सभी शिविरार्थियों को कुछ देर तक योग और मेडिटेशन करवाया गया। उसके बाद संगीतमय और भक्तिमय माहौल में गुरुदेव द्वारा शिविरार्थियों को धार्मिक पूजा अर्चना महा शांतिधारा करवाई गई। जिसका लाभ इंदौर निवासी पारस जैन परिवार को प्राप्त हुआ। आज के राजा भरत चक्रवर्ती बनने का सौभाग्य भी पारस जैन इंदौर परिवार को प्राप्त हुआ।

नवयुवक मंडल के महामंत्री अंकुश भानावत ने बताया कि मुख्य केसरियाजी मंदिर जी में पंडित वारिसेन ने सोलहकारण, सम्मेद शिखर एवम पंचमेरू की पूजा विधि विधान से करवाई। सातिया भरने का सौभाग्य ऋषभदेव के नागदा समाज को प्राप्त हुआ।

जहां पुण्य होता है, वहीं चातुर्मास होता है

इस अवसर पर गुरुदेव पुलक सागर जी ने अपने प्रवचन में कहा कि अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर अखंड मौन व्रत धारण करने वाले थे। इस धरती पर यदि कोई सबसे ज्यादा केवल ज्ञान के बाद कोई मौन रहा हे तो वो भगवान महावीर ही हैं, जो लगातार 66 दिनों तक कुछ भी नहीं बोले। गुरुदेव ने कहा कि ये पंचम काल चल रहा है। कोई भी साधु किसी एक के बुलाने पर चातुर्मास करने नहीं आते, जिस नगर में धरती, आकाश, हवा, पेड़-पौधे, गरीब-अमीर का पुण्य जहांजोर मारता है साधु का चातुर्मास भी वहीं होता है। चातुर्मास कस्बा या शहर देख कर नहीं होता बल्कि जहां पुण्य होता है वहीं चातुर्मास होता है। पुण्य में न हो हिम्मत तो ये जागीर नहीं मिलती और किसी को भीख में ऐसी दौलत नहीं मिलती है। गुरुदेव ने कहा किविनय रखो। आज उत्तम विनय का दिन है। अहंकार मत रखो । बुलंदी देर तक किस शख्स के हिस्से में रहती है। बहुत ऊंची इमारत हमेशा खतरे में रहती है। मीडिया प्रभारी एवं पुलक मंच के सदस्य सचिन गंगावत ने जानकारी दी कि आज सांयकाल की आरती का लाभ अंतरराष्ट्रीय कवि बलवंत जैन बल्लू को मिला। उसके तुरंत पश्चात ग्वालियर से आए उमेश जैन के निर्देशन में मैना सुंदरी नाटक का आयोजन किया गया।

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