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सिद्ध चक्र विधान पर 512 अर्घ्य पूजन कर चढ़ाए : बहुत ही मंगलकारी और मोक्ष दिलाने वाला विधान


सकल दिगम्बर जैन समाज भीलूडा के तत्वाधान में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान के सातवें दिन विविध धार्मिक संगीतमय अनुष्ठान हुए। प्रातः कालीन मूल नायक शांतिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा, गुरुदेव आज्ञासागर महाराज ससंघ एवं मुनि शेलनंदी तथा मुनि यादवेंद्र सागर ससंघ के सानिध्य में किया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…


भीलूड़ा। सकल दिगम्बर जैन समाज भीलूडा के तत्वाधान में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान के सातवें दिन विविध धार्मिक संगीतमय अनुष्ठान हुए। प्रातः कालीन मूल नायक शांतिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा, गुरुदेव आज्ञासागर महाराज ससंघ एवं मुनि शेलनंदी तथा मुनि यादवेंद्र सागर ससंघ के सानिध्य में किया गया। बाहर विधान पांडाल में शांतिनाथ भगवान के अभिषेक का लाभ भरडा ओमप्रकाश अमृतलाल परिवार को मिला।

मन्दिर में बड़ी शान्तिधारा अभिषेक का लाभ सुरेंद्र शाह परिवार को मिला। मुनि संघ के पाद प्रक्षालन का लाभ गांधी राजेन्द्र मीठालाल परिवार नोगामा ने लिया। आयोजक परिवार भरड़ा शांता देवी स्व: चांदमल भरड़ा, दीपिका जयंत कुमार भरड़ा, शीला दीपक कुमार भरड़ा, संध्या भावेश कुमार भरड़ा है। दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारम्भ अतिथियों के द्वारा किया गया। गांव के गणमान्य आगंतुक अतिथि पूर्व उप प्रधान नरेंद्र पंड्या, विहिप के सहमंत्री नरेंद्र भगत, समाजसेवी विनोद कुमार पंड्या, सुनील पंड्या, प्रभाशंकर पुरोहित, कमला शंकर जोशी, उमेश पंड्या, हेमेंद्र जोशी का आयोजक परिवार एवं समाजजनों द्वारा स्वागत किया गया।

विधानाचार्य पंडित नितिन कुमार शास्त्री एवं पंडित धनपाल शाह के निर्देशन में सिद्ध चक्र महामंडल आराधना महोत्सव में आयोजक परिवार एवं समाजजनों ने विधान पूजा की। कुल 512 अर्घ्य पूजन कर विधान पर चढ़ाए गए। इसके बाद मुनि आज्ञा सागर ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सिद्ध चक्र विधान को पूजा विधान, कर्म विजय विधान ,आराधना विधान भी कहा जाता है। इस विधान को अनेक नाम से पुकारा जाता है। इसमें अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, सर्व साधु, सभी पंच परमेश्वर को अर्घ्य चढ़ाया जाता है। जो भी यह सिद्ध चक्र विधान करता है, वह भी सिद्धत्व को प्राप्त होता है। सायं कालीन श्रीजी की आरती, विधान की आरती, गुरु आरती, स्वाध्याय सांस्कृतिक कार्यक्रम संगीतकार रिंकू और पार्टी बांसवाड़ा एवमं सुंदर नाटक शानु एंड पार्टी अलवर द्वारा प्रस्तुत किया गया। जैन समाज अध्यक्ष अरविंद जैन, जयंतीलाल भरड़ा, रमणलाल टुकावत, धर्मेन्द्र जैन, मोहित भरड़ा, ललित जैन, अशोक टुकावत, नरेंद्र जैन एवं बड़ी संख्या में समाजजन महिला एवं पुरुष मौजूद रहे। डूंगरपुर एवं बांसवाडा जिले के कई गांवो से समाजजनों ने धार्मिक आयोजन में पहुंच कर मुनि संघ का आशीर्वाद लिया।

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