राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में भादरा के पास ढिलकी जाटान गांव में एक किसान के खेत की खुदाई में दो दिगंबर जैन अतिप्राचीन प्रतिमाएं प्राप्त हुई। पढि़ए राजेश जैन दद्दू की पूरी रिपोर्ट..
भादरा। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में भादरा के पास ढिलकी जाटान गांव में एक किसान के खेत की खुदाई में दो दिगंबर जैन अतिप्राचीन प्रतिमाएं प्राप्त हुई। समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह गांव हरियाणा बॉर्डर के पास है। इसके नजदीक ही हरियाणा का अग्रोहा जनपद है, जहां से 1200 साल पहले दिगंबर जैन अग्रवाल जाति की उत्पत्ति हुई, मूर्तियां लगभग 1 हजार वर्ष प्राचीन है और संभवत: अग्रवाल जैन जाति बनने के बाद उनके श्रावकों द्वारा बनवाई गई है।
भारत में खुदाई में, नदियों के पेटे में या अन्य भी स्थानों पर समय-समय पर जैन प्रतिमाएं मिलती रहती है जो जैनियों के उज्जवल अतीत को दर्शाती है यह बताती है कि एक समय इस देश में जैनियों की संख्या करोड़ों में थी। प्रतिमाओं को स्थानीय थाने में सुरक्षित रखा गया है।













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