अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने मंगलवार सुबह श्री दिगंबर तेरहपंथी जिनालय, तिलक नगर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज आप बच्चों को जन्मदिन पर क्या देते हैं पता नहीं लेकिन उनके भीतर धर्म और व्रतों की प्रति श्रद्धा बने, उसके लिए कम से कम जन्मदिन आदि पर जाप माला, शास्त्र आदि दें और कहीं आस-पास मुनि हो तो आहारदान देने को कहें। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर।अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज ने बुधवार सुबह श्री दिगंबर तेरहपंथी जिनालय, तिलक नगर में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तीन साथी मार्ग में चल रहे थे। उनमें से एक पीछे रह गया तो दोनों ने सोचा कि उसका इंतजार किया जाए। उन दोनों में से एक ने धूप में और दूसरे ने पेड़ की छाया में खड़े होकर इंतजार किया। ऐसा ही संसार में है कि अभी भरत क्षेत्र से मोक्ष जाना संभव नहीं है तो कम से कम व्रतों से देव गति में चले जाएं। अगर व्रतों को धारण करेंगे तो नरक आदि अशुभ गति में जाने से तो बचेंगे। पेड़ की छांव में खड़ा रहना देव गति और धूप में खड़ा रहना नरक आदि अशुभ गति है।
आज आप बच्चों को जन्मदिन पर क्या देते हैं पता नहीं लेकिन उनके भीतर धर्म और व्रतों की प्रति श्रद्धा बने, उसके लिए कम से कम जन्मदिन आदि पर जाप माला, शास्त्र आदि दें और कहीं आस-पास मुनि हो तो आहारदान देने को कहें। पहले दादी कहानी सुनातीं तो कुछ पैसे-टॉफी देती थीं। उसी लालच में अच्छे कहानी सुन लेते थे, उसी प्रकार अभी किसी प्रकार से बच्चों को धर्म के मार्ग पर लगा देना चाहिए।
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इससे पहले राजेश जैन ने बताया कि धर्म सभा का संचालन सी ए मयंक जैन, मंत्री ने किया। मुनि श्री का पाद प्रक्षालन हेमंत, विकास बड़जात्या परिवार द्वारा किया गया। शास्त्र भेंट बी के चंद्र प्रभा जैन, मनोज चंदन छाबड़ा परिवार, राजेश जैन (जैन डेरी) परिवार ने किया। धर्म सभा में डीएसपी डी के जैन, चंद्रेश कासलीवाल, सतीश राजावत, नवीन जैन उपस्थित थे।













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