श्री सम्मेद शिखर के आनंद कुट से मोक्ष प्राप्त करने वाले तीनलोक के नाथ अभिनंदन नाथ भगवान का गर्भ कल्याणक व मोक्षकल्याणक निर्वाण लड्डु हर्षोल्लास के साथ चढ़ाया गया। इसी क्रम में पावापुरी अहिंसा रथ जो राष्ट्र संत 108 प्रज्ञ सागर जी महाराज की प्रेरणा से भगवान महावीर स्वामी के 2550वें निर्वाण वर्ष के अंतर्गत राष्ट्रीय समिति द्वारा पूरे भारत वर्ष में भ्रमण कर रहा है, उसी रथ में भगवान महावीर का अभिषेक व शान्तिधारा किया गया। पढ़िए साहिल जैन की रिपोर्ट…
धुलियान (मुर्शिदाबाद)। श्री सम्मेद शिखर के आनंद कुट से मोक्ष प्राप्त करने वाले तीनलोक के नाथ अभिनंदन नाथ भगवान का गर्भ कल्याणक व मोक्षकल्याणक निर्वाण लड्डु हर्षोल्लास के साथ चढ़ाया गया। इसी क्रम में पावापुरी अहिंसा रथ जो राष्ट्र संत 108 प्रज्ञ सागर जी महाराज की प्रेरणा से भगवान महावीर स्वामी के 2550वें निर्वाण वर्ष के अंतर्गत राष्ट्रीय समिति द्वारा पूरे भारत वर्ष में भ्रमण कर रहा है, उसी रथ में भगवान महावीर का अभिषेक व शान्तिधारा किया गया तथा आरती के पश्चात रथ को घुमाया गया। शाम दीप-अर्चना का कार्यक्रम हुआ। रथ मुर्शिदाबाद के आठ गांव भ्रमण करेगा।
सानत इंद्र, धर्मेंद्र, ईशान इंद्र, महेंद्र बनने का सौभाग्यधन्नालाल मोहनलाल अजमेर परिवार को प्राप्त हुआ एवं कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य किशोर कुमार बरजत के परिवार को मिला।
प्रथम शांति धारा करने का सौभाग्य विमल कुमार निर्मला देवी गंगवाल एवं द्वितीय शांति धारा करने का सौभाग्य कैलाश सिंह सुरेंद्र कुमार सेठी को मिला। महा आरती सुबह शाम महिला समाज की ओर से की जा रही है।













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