श्री1008 मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर, स्मृति नगर में रविवार को फ्रेंडशिप डे एक अनोखे अंदाज में मनाया गया। यहां चातुर्मास के लिए विराजमान अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज की आहारचर्या के लिए युवाओं ने केवल आहार के लिए चौका बनाया बल्कि आहारचर्या की पूरी विधि का पूरे नियम-ध्यान से पालन किया। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। श्री1008 मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर, स्मृति नगर में रविवार को फ्रेंडशिप डे एक अनोखे अंदाज में मनाया गया। यहां चातुर्मास के लिए विराजमान अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज की आहारचर्या के लिए युवाओं ने केवल आहार के लिए चौका बनाया बल्कि आहारचर्या की पूरी विधि का पूरे नियम-ध्यान से पालन किया।

18 से 45 साल की उम्र के करीब 50 से 60 युवा इस दिन की तैयारी बीते सात रोज से कर रहे थे। वे अपने हाथों से चौका तैयार करने के बाद मुनि श्री के पड़गाहन के लिए मंदिर पहुंचे और गाजे-बाजे, भजनों के साथ मुनि श्री को आहारचर्या के लिए लेकर गए। आहारदान के बाद वे मुनि श्री को मंदिर भी छोड़ने आए।

इस अवसर पर मुनि श्री ने युवकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि धर्म में भी सच्चा मित्र गुरु को ही बताया गया है। इस प्रकार के संस्कार नई पीढ़ी के भीतर धर्म के प्रति आस्था और विश्वास को दृढ़ करते हैं। ऐसे ही संस्कार समय-समय पर बच्चों और युवाओं को मिलते रहें तो हर घर में साधु के लिए आहार और विहार के लिए व्यवस्था होती रहेगी और साधु अपनी चर्या का पालन निर्विघ्न कर पाएंगे।

आज फ्रेंडशिप डे पर इन युवाओं ने अपना सच्चा मित्र गुरु को मान लिया है तो इससे बड़ा और कोई दिन नहीं हो सकता। आहारदान का यह आयोजन मुनि सेवा समिति स्मृति नगर,इंदौर के नवयुवक मंडल की ओर किया गया।













Add Comment