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तीर्थस्थलों को नष्ट करने पर जताई चिंता : आचार्य निपूर्णनन्दी जी महाराज का पिपलाई की धरा पर मंगल प्रवेश


आचार्य इन्द्रनन्दी जी महाराज के परम शिष्य बालाचार्य 108 श्री निपूर्णनन्दी जी महाराज का ससंघ पिपलाई की धरा पर मंगल प्रवेश हुआ l इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सकल दिगम्बर जैन समुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि समूचे देश एवं प्रदेश में अति प्राचीन धार्मिक धरोहरों एवं तीर्थ स्थलों को विनष्ट करने के कुप्रयास दिन -प्रतिदिन निरन्तर बढ़ते जा रहे हैंl पढ़िए जिनेन्द्र जैन की रिपोर्ट…


बामनवास l आचार्य इन्द्रनन्दी जी महाराज के परम शिष्य बालाचार्य 108 श्री निपूर्णनन्दी जी महाराज का ससंघ पिपलाई की धरा पर मंगल प्रवेश हुआ l पिपलाई को यह सौभाग्य मुनि श्री की ससंघ शाश्वत तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी की पद वन्दना करते हुए डिग्गी मालपुर के लिए जाते समय प्राप्त हुआ l इस अवसर पर सकल दिगम्बर जैन समाज पिपलाई ने उनका स्वागत किया l दिगम्बर जैन समाज पिपलाई के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि मुनि श्री का पीपलदा में मन्दिर निर्माण के लिए भूमि पूजन में सानिध्य प्राप्त होगा तथा निवाई में अपने परम पूज्य गुरूदेव इन्द्रनन्दी जी महाराज से महामंगल मिलन होगा l

हर राज्य में हो श्रमण संस्कृति बोर्ड

इस अवसर पर बालाचार्य 108 श्री निपूर्णनन्दी जी महाराज ने सकल दिगम्बर जैन समुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि समूचे देश एवं प्रदेश में अति प्राचीन धार्मिक धरोहरों एवं तीर्थ स्थलों को विनष्ट करने के कुप्रयास दिन -प्रतिदिन निरन्तर बढ़ते जा रहे हैंl जैन धर्म की धरोहरों पर अनैतिक एवं अवैध तरीके से कब्जे अतिक्रमण हो रहे हैंl समुदाय के लोगों को धमकियां मिल रही हैंl विगत दो दिन पहले इंदौर की घटना है, जिसमें दिगम्बर जैन समुदाय के प्रसिद्ध तीर्थ गोम्मटगिरि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा करने की साजिश सरकार के एक मंत्री द्वारा रचि गई, जो कि निन्दनीय हैl इतना ही नहीं, जैन श्रमण संस्कृति पर आए दिन कुठाराघात हो रहे हैं और सरकारें कार्यवाही के नाम पर सिर्फ लीपा पोती कर रही हैंl

 

उन्होंने कहा कि जैन संतों पर भी आये दिन उपसर्ग किये जा रहे हैंl इसलिए प्रत्येक राज्य में आन्ध्र प्रदेश सरकार की तरह अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय की संस्कृति धार्मिक सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण,जैन आचार्यों एवं संतों और साध्वियों की सुरक्षा एवं चर्या के संरक्षण हेतु वर्तमान परिपेक्ष्य में ” श्रमण संस्कृति बोर्ड ” के गठन की महती आवश्यकता है l इस अवसर पर सुनील कुमार जैन, मुकेश चन्द जैन, विनोद जैन, आशु जैन, सुमनलता जैन, सपना जैन, एकता जैन आदि उपस्थित थे l

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