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आर्यिका विभा श्री माताजी का झुमरीतिलैया आगमन :  जैन समाज ने किया भव्य स्वागत


हजारों किलोमीटर पैदल चल कर आईं जैन साध्वी आर्यिका विभा श्री माताजी के आगमन पर जैन समाज की महिलाएं-पुरुष और बच्चे सभी सुबह बायपास मोड़ पर अपनी भक्ति और श्रद्धा प्रकट करने के लिए उनके अभिनंदन के लिए पहुंचे। पढ़िए राजकुमार अजमेरा की विशेष रिपोर्ट…


झुमरीतिलैया। हजारों किलोमीटर पैदल चल कर आईं जैन साध्वी आर्यिका विभा श्री माताजी के आगमन पर जैन समाज की महिलाएं-पुरुष और बच्चे सभी सुबह बायपास मोड़ पर अपनी भक्ति और श्रद्धा प्रकट करने के लिए उनके अभिनंदन के लिए पहुंचे। चांडक कॉम्पलेक्स, बाजार, मंदिर में महिलाओं और बच्चियों के द्वारा कई स्थानों में रंगोली बनाई गई। बैंड बाजे, जैन ध्वज और जैन धर्म के जयकारों के साथ नगर भ्रमण करते हुए जैन साध्वी जैन मंदिर पहुंचीं। पूज्य माता जी की भव्य अगवानी के लिए जैन समाज के कई महिलाएं, पुरुष और बच्चे रात्रि में ही कोडरमा पहुंच गए और उनके साथ पैदल चलकर झुमरीतिलैया पहुंचे।

अभिषेक और धर्मसभा

मंदिर में भगवान श्री 1008 पार्श्वनाथ और भगवान महावीर की शांतिधारा, अभिषेक का सौभाग्य राज मल प्रदीप गंगवाल के परिवार को मिला। इस मौके पर आर्यिका श्री 105 विभा श्री माताजी ने अपने अमृतवाणी में भक्तजनों को कहा कि झुमरी तिलैया नगरी एक पवित्र और धार्मिक नगरी है। यहां के लोग धर्म और संस्कृति के प्रति संस्कारवान हैं। आस्था और भक्ति के कारण ही संत जनों के चरण कोडरमा की धरती पर हमेशा पढ़ते रहते हैं। इस मौके पर जैन समाज के मंत्री ललित सेठी ने कहा कि पूज्य माता जी परम विदुषी और ज्ञानवान हैं।

हम सभी लोगों को उनके अमृत प्रवचन सुनने का लाभ मिलेगा। पूज्य माताजी अपने 10 शिष्यों के साथ हजारों किलोमीटर पैदल चलकर जगह-जगह अहिंसा, सत्य और शांति का ज्ञान फैलाकर कोडरमा जिले में आई हैं। यह हम सभी लोगों के लिए गौरव और पुण्य की बात है। हम सभी बहुत ही भाग्यशाली हैं कि उनका दर्शन और प्रवचन का लाभ मिलेगा। यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राजकुमार अजमेरा ने दी।

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Shreephal Jain News

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