समाचार

श्री विद्या निर्वेग जैनत्व संस्कार शिविर का 20 मई को होगा समापन : 530 बच्चों की सहभागिता से शिविर में बनी जीवंत पाठशाला 


उदय नगर जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित “श्री विद्या निर्वेग जैनत्व संस्कार शिविर में बच्चों में जैन संस्कारों, अनुशासन और धर्म के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। 13 मई से प्रारंभ हुआ यह शिविर 20 मई तक प्रतिदिन प्रातः 6.30से 10.30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। उदय नगर जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में आयोजित श्री विद्या निर्वेग जैनत्व संस्कार शिविर में बच्चों में जैन संस्कारों, अनुशासन और धर्म के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। 13 मई से प्रारंभ हुआ यह शिविर 20 मई तक प्रतिदिन प्रातः 6.30से 10.30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। जिसमें लगभग 500 से 530 बच्चे सहभागिता कर रहे हैं। आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज की प्रेरणा तथा मुनि श्री निराग सागर जी महाराज एवं मुनि श्री अनंत सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में आयोजित यह शिविर बच्चों के लिए जैन संस्कारों की एक जीवंत पाठशाला बना हुआ है। शिविर में बच्चों को जैन धर्म के सिद्धांत, पूजन-विधान, विनय, अनुशासन, संस्कार, भक्ति, प्रार्थना एवं नैतिक शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक जीवन मूल्यों की शिक्षा भी दी जा रही है।

उत्साह और अनुशासन शिविर की विशेष पहचान बना 

शिविर में प्रतिदिन धार्मिक गतिविधियों, प्रश्नोत्तरी, सांस्कृतिक अभ्यास एवं प्रेरणादायक सत्रों के माध्यम से बच्चों को धर्म से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों का उत्साह और अनुशासन शिविर की विशेष पहचान बना हुआ है। विशेष आकर्षण के रूप में आज बच्चों द्वारा बनाई गई धार्मिक एवं सांस्कृतिक कृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में समवशरण की आकर्षक रचना, अष्ट प्रातिहार्य सहित अनेक जैन संस्कारों एवं जैन संस्कृति को दर्शाने वाली कलाकृतियों को प्रस्तुत किया गया। बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा और धर्म के प्रति उनकी आस्था को देखकर उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने उनकी भरपूर सराहना की।

प्रथमानुयोग की विशेष कक्षाएं भी प्रतिदिन 

इसके साथ ही उदयनगर जैन मंदिर में श्रावकों के लिए प्रथमानुयोग की विशेष कक्षाएं भी प्रतिदिन आयोजित की जा रही हैं, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मावलंबी उपस्थित होकर जैन आगम एवं धार्मिक ज्ञान का लाभ ले रहे हैं। मंदिर समिति ने बताया कि वर्तमान समय में नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

You cannot copy content of this page