जैन धर्म की आस्था, तप, संयम और साधना को सजीव रूप प्रदान करती हुई श्री शांतिनाथ सेवा संघ (दिल्ली) की वार्षिक तीर्थयात्रा इस वर्ष भव्यता, अनुशासन और सुव्यवस्थित आयोजन का अनुपम उदाहरण बनकर सफलतापूर्वक हुई। अंबाह/जयपुर से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अंबाह/दिल्ली। जैन धर्म की आस्था, तप, संयम और साधना को सजीव रूप प्रदान करती हुई श्री शांतिनाथ सेवा संघ (दिल्ली) की वार्षिक तीर्थयात्रा इस वर्ष भव्यता, अनुशासन और सुव्यवस्थित आयोजन का अनुपम उदाहरण बनकर सफलतापूर्वक हुई। 23 जनवरी से प्रारंभ हुई इस आध्यात्मिक यात्रा में देशभर से आए 621 श्रद्धालु यात्रियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए जैन धर्म के 11 तीर्थंकरों की जन्मभूमि सहित अनेक पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस यात्रा का सफल संचालन संघ के मुख्य संयोजक गोकुलचंद जैन के नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में किया गया। उनके निर्देशन में यात्रा का प्रत्येक चरण पूर्णतः योजनाबद्ध, समयबद्ध और सुरक्षित रहा। इतने बड़े स्तर पर यात्रा के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट संचालन संघ की मजबूत संगठन क्षमता और कार्यकुशलता को दर्शाता है।
आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने अयोध्या, श्रावस्ती, काशी (वाराणसी) सहित अन्य प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर दर्शन एवं पूजन किया। काशी में गंगा तट पर आयोजित भव्य आरती में शामिल होकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। वहीं तीर्थंकरों की जन्मभूमि पर वंदन, पूजन, प्रवचन एवं धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर धार्मिक सभाएं एवं भक्ति कार्यक्रम भी किए गए, जिससे यात्रियों में धर्म, संस्कार और आत्मचिंतन की भावना और अधिक प्रबल हुई।
सहयोग के साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाईं
इस पावन यात्रा को सफल बनाने में सेवा संघ के अध्यक्ष हरिश्चंद्र जैन का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके साथ उपाध्यक्ष सुनील जैन, महामंत्री दिनेश जैन टीटू, कोषाध्यक्ष अजय जैन ‘अजिया’, सह-कोषाध्यक्ष प्रदीप जैन, यात्रा मंत्री राजकुमार जैन पप्पू, यातायात मंत्री दीपक जैन टीपू, भोजन मंत्री विशाल जैन एवं मनोज जैन टिंकल, मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र जैन, प्रचार मंत्री अंकित जैन तथा संजय जैन (मुन्ना) सहित पूरी कार्यकारिणी ने समर्पण और सहयोग के साथ अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाईं।
धार्मिक साधना और आत्मिक शांति में लीन रहे श्रद्धालु
संघ द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा के दौरान उत्तम आवास व्यवस्था, शुद्ध एवं सात्विक भोजन, सुरक्षित यातायात, स्वच्छता व्यवस्था तथा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। इन व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालु पूरी यात्रा के दौरान निश्चिंत होकर धार्मिक साधना और आत्मिक शांति में लीन रहे। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने श्री शांतिनाथ सेवा संघ के इस भव्य आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की।
सदैव स्मरणीय रहेगी धार्मिक यात्रा
यात्रियों ने इसे केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि सामूहिक एकता, अनुशासन, सेवा भावना और आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। श्रद्धालुओं ने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। यह तीर्थ यात्रा जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगी।













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