दिगंबर जैन समाज अंबाह द्वारा आयोजित वार्षिक रथयात्रा महोत्सव इस वर्ष भी परंपरानुसार 4 दिसंबर को भव्य रूप से मनाया जाएगा। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन छोटे मंदिर से दोपहर 1 बजे प्रारंभ होकर यह यात्रा संत वाटिका जैन बगीची प्रांगण, गेट नंबर 2 तक जाएगी। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अंबाह। दिगंबर जैन समाज अंबाह द्वारा आयोजित वार्षिक रथयात्रा महोत्सव इस वर्ष भी परंपरानुसार 4 दिसंबर को भव्य रूप से मनाया जाएगा। श्री आदिनाथ दिगंबर जैन छोटे मंदिर से दोपहर 1 बजे प्रारंभ होकर यह यात्रा संत वाटिका जैन बगीची प्रांगण, गेट नंबर 2 तक जाएगी। शाम 4 बजे संत वाटिका में कलश अभिषेक का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम का आयोजन जैन समाज अध्यक्ष जिनेश जैन, महामंत्री सुरेश जैन नागर वाले तथा समस्त सकल दिगंबर जैन समाज अंबाह कर रहा है। ज्ञात रहे कि यह रथयात्रा की लगभग 60 वर्ष पुरानी परंपरा है। वरिष्ठजनों के अनुसार पहले इस आयोजन की तैयारियां एक माह पूर्व प्रारंभ हो जाती थीं। समाज की सामूहिक बैठक बुलाई जाती थीं, जिसमें यात्रा का मार्ग, सजावट, मंचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समाजहित के अनेक कार्यों का विस्तृत खाका तैयार किया जाता था। उस समय देश भर से प्रसिद्ध भजन गायक, नाटक मंडलियां और सांस्कृतिक दल अंबाह पहुंचते थे। तीन दिवसीय भव्य आयोजन के अंतर्गत सदर बाजार गंज में विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे, जो शहर की शान माने जाते थे और समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी होती थी।
समाजजन मानते हैं परंपरा की भव्यता अवश्य हुई
समय के साथ बढ़ती व्यस्तता, बदलती जीवनशैली और सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता की कमी के कारण यह विशाल आयोजन अब एक दिवस के कार्यक्रम तक सीमित हो गया है। पूर्व में जहां यात्रा, भजन, आराधना, नाट्य प्रस्तुति और दर्जनों धार्मिक‑सामाजिक गतिविधियां लगातार तीन दिन तक चलती थीं, अब अधिकांश कार्यक्रम एक ही दिन में कराए जाते हैं। समाजजन मानते हैं कि परंपरा की भव्यता कम अवश्य हुई है परंतु, श्रद्धा, आस्था और उत्साह आज भी उतने ही प्रबल हैं। रथयात्रा के प्रति लोगों की भावना और धार्मिक ऊर्जा आज भी पहले जैसी ही है।













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