गुजरात के पालीताना स्थित सिद्धवट में इस वर्ष जैन धर्म की लंबी परंपरा के अंतर्गत 1100 से अधिक साधकों ने 50 दिन तक साधु वेश में उपधान पूरा किया। साधकों ने पूर्ण मौन, मोबाइल त्यााग और कठोर अनुशासन के साथ आत्मशुद्धि और संयम की साधना की। बिड़वाल से पढ़िए, यह साभार संकलित खबर…
बिड़वाल (धार)। गुजरात के पालीताना स्थित सिद्धवट में इस वर्ष जैन धर्म की लंबी परंपरा के अंतर्गत 1100 से अधिक साधकों ने 50 दिन तक साधु वेश में उपधान पूरा किया। साधकों ने पूर्ण मौन, मोबाइल त्यााग और कठोर अनुशासन के साथ आत्मशुद्धि और संयम की साधना की। नगर के मनीष नाहर, जिन्होंने पूरे 50 दिन तक साधु वेश में तपस्या की। उन्होंने बताया कि यह आत्मानुभूति और संयम का अद्भुत अनुभव था। साधकों ने साधु वृत्ति का अनुकरण करते हुए उपवास, एक समय नीवी भोजन, कई खाद्व पदार्थों का परित्याग और कठोर नियमों का पालन किया। चातुर्मास के दौरान आचार्यश्री हेमवल्लभ सुरीश्वर, पन्यास लब्धिवल्लभ विजय तथा यशरत्न विजयजी के प्रवचनों ने साधकों को भक्ति, संयम और आत्मिक जागरण के मार्ग पर प्रेरित किया।













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