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एचएनटी को लेकर सकल जैन समाज का देशव्यापी आक्रोश: 50 से अधिक शहरों में ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग 


जैन ट्रस्ट पुणे की संपत्ति के अवैध विक्रय और जैन तीर्थ कुंथलगिरी में चोरी की घटना से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को सकल जैन समाज ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। जैन ट्रस्ट पुणे की संपत्ति के अवैध विक्रय और जैन तीर्थ कुंथलगिरी में चोरी की घटना से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को सकल जैन समाज ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया। राजेश जैन दद्दू ने बताया कि जैन समुदाय ने महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सहित 50 से अधिक शहरों में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पुणे स्थित ऐतिहासिक सेठ हीराचंद नेमचंद ट्रस्ट की संपत्ति के कथित अवैध विक्रय और सिद्धक्षेत्र कुंथलगिरी तीर्थ में हुई चोरी की घटना पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध एक चेतावनी है और यदि न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा। टीके वेद ने बताया कि ट्रस्ट के विश्वस्त मंडल ने धर्मादाय आयुक्त कार्यालय को झूठी जानकारी देकर तीन एकड़ भूमि का अवैध तरीके से विक्रय किया। समाज का तीव्र आक्रोश इस बात पर है कि जिस संपत्ति पर 65 वर्ष पुराना मंदिर और जैन विद्यार्थियों का छात्रावास था उसे बेचने की अनुमति इतने संदेहास्पद तरीके से कैसे दी गई।

धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति की सुरक्षा में एक गंभीर चूक

प्रदीप बड़जात्या ने आरोप लगाया कि 311 करोड़ की भूमि का विक्रय मुंबई उच्च न्यायालय में मामले के लंबित होते हुए किया गया, जो कि कानून का खुला उल्लंघन है। राजेश दद्दू ने प्रशासनिक त्रुटि पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बिक्री करार के तुरंत बाद डेवलपर ने मंदिर सहित पूरी संपत्ति को बैंक से ऋण लेकर बंधक रख दिया। समाज का मानना है कि धर्मादाय आयुक्त कार्यालय की यह कार्रवाई धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति की सुरक्षा में एक गंभीर चूक है। समाज ने इस अवैध विक्रय करार को तुरंत रद्द करने, ऐतिहासिक मंदिर और संपत्ति के पवित्र स्वरूप को पुनर्स्थापित करने तथा इस प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों, जिसमें ट्रस्टी और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।

चोरियां चिंताजनक 

हाल ही में जैन तीर्थों पर हो रही चोरियों पर भारत वर्षीय जैन समाज चिंतित है। मयंक जैन ने कहा कि सिद्धक्षेत्र कुंथलगिरी चोरी मामले पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक हुई है। कैलाश वेद ने बताया कि महाराष्ट्र के उस्मानाबाद स्थित सिद्धक्षेत्र कुंथलगिरी तीर्थ में चोरी की घटना ने जैन समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।

मंदिर से चोरियां गंभीर अपराध 

समाज आक्रोश इस बात पर है कि एक संरक्षित और प्राचीन तीर्थ स्थल पर 15 चोरों का समूह द्वारा 12 लाख की नकदी और चार प्रतिष्ठित प्राचीन पीतल की मूर्तियां चुराने में कैसे सफल हुआ। विगत दिनों में जैन मंदिरों को लगातार निशाना बनाए जाने के बावजूद इस तीर्थ की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक पाई गई है। एडवोकेट पारस जैन ने इसे प्रशासन की निष्क्रियता का परिणाम बताया है। समाज का मानना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य सरकार विफल रही है। समाज ने इस घटना को अपनी आस्था पर सीधा आघात बताते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में मामले की शीघ्र और निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और चुराई गई प्राचीन मूर्तियों की तत्काल बरामदगी सुनिश्चित करने की मांग की है। अनीश सोनी ने मांग की है कि सभी जैन मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट कराया जाए और पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

इन शहरों में दिए गए ज्ञापन 

प्रदर्शन में शामिल विश्व जैन संगठन और राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ के मयंक जैन राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह ज्ञापन इंदौर से लेकर महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कई प्रमुख शहरों में दिए गए। कानाड, छत्रपति संभाजीनगर, नासिक, कोल्हापुर, सांगली, नीरा, सोलापुर, अकलुज , नांदेड़, सेलू, नांदगांव, पैठण, पांचालेश्वर, बीड, फलटण, भोपाल, सागर, शिवपुरी, ग्वालियर, विदिशा, गंजबसौदा ,टीकमगढ़, जालना ,वैजपुर, हिंगोली आदि अनेक शहरों और जिला मुख्यालयों पर दिए गए।

इन्होंने दिया ज्ञापन 

इंदौर से ज्ञापन देने वाले में प्रमुख रूप से निलेश सेठी, हेमंत जैन, अशोक सामरिया, निर्मल गंगवाल, नीतिक गोधा आदि सैकड़ों समाजजन उपस्थित हुए। इस अवसर पर

समाज ने यह संकल्प लिया है कि यदि सरकार ने 48 घंटे के भीतर न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो यह विरोध प्रदर्शन एक अहिंसक आंदोलन का रूप लेगा जिसके लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।

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