आचार्यश्री विमलसागर जी महाराज का 32 वां पुण्य स्मृति दिवस समारोह सोमवार को बड़ा गणपति के समीप श्री मोदीजी की नसिया में मनाया जा रहा है। पूर्ण भक्ति और आराधना के साथ इस पुण्य अवसर पर कई मांगलिक कार्यक्रम और संगीतमय आयोजन होंगे। कार्यक्रम में मुनिश्री सिद्धांतसागर जी महाराज, अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज, मुनिश्री विद्युवसागर जी महाराज का मंगल सान्निध्य प्राप्त होगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। आचार्यश्री विमलसागर जी महाराज का 32 वां पुण्य स्मृति दिवस समारोह सोमवार को बड़ा गणपति के समीप श्री मोदीजी की नसिया में मनाया जा रहा है। पूर्ण भक्ति और आराधना के साथ इस पुण्य अवसर पर कई मांगलिक कार्यक्रम और संगीतमय आयोजन होंगे। कार्यक्रम में मुनिश्री सिद्धांतसागर जी महाराज, अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज, मुनिश्री विद्युवसागर जी महाराज का मंगल सान्निध्य प्राप्त होगा। वात्सल्य रत्नाकर विमल सागर भक्त परिवार और सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से बताया गया कि प्रातः स्मरणीय आचार्यश्री भरत सागर जी महाराज और गणनी आर्यिका श्री स्यादवाद मति माताजी के मंगल आशीर्वाद से सोमवार को सुबह 7 बजे से अभिषेक होगा। साथ ही वात्सल्य रत्नाकर विधान, विनयांजलि, गुणानुवाद सभा का आयोजन होगा। इसके बाद वात्सल्य भोज होगा।
आर्यिका श्री यशस्विनी मति माताजी संघ का मिलेगा सान्निध्य
शाम साढ़े 6 बजे से 36 दीपकों के माध्यम से संगीतमयी आरती होगी। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक म्यूजिकल तंबोला भी होगा। इस अवसर पर आर्यिका श्री यशस्विनी मति माताजी और आर्यिका श्री मनस्वनी मति माताजी का भी मंगल सान्निध्य प्राप्त होगा। कार्यक्रम में संघस्थ बाल ब्रह्मचारी श्रद्धा दीदी भी मौजूद रहेंगी। संगीतकार जैनम पंकज जैन की सांगेतिक प्रस्तुतियों से सभी मांगलिक विधियां संपन्न होंगी। इस आयोजन के पुण्यार्जक परिवार अशर्फीलाल अशोककुमार, संजय नीलम, अनंतवीर्य जैन, वैशालिक ज्वेलर्स परिवार सराफा रहेंगे।
इन्होंने किया है पुण्यार्जन का आग्रह
इस आयोजन को सफल बनाने और इसका पुण्यलाभ अर्जन करने के लिए चंद्रप्रभु ज्वेलर्स, वात्सल्य रत्नाकर विमल सागर भक्त परिवार, सकल दिगंबर जैन समाज, पंच लश्करी गोठ मोदीजी की नसिया, शांतिनाथ दिगंबर जैन त्रिमूर्ति मंदिर कालानी नगर, शांतिनाथ दिगंबर जैन बीसपंथी मंदिर, विहर्ष भक्त मंडल, राष्ट्रीय खंडेलवाल (सरावगी ) दिगंबर जैन संगठन एवं महिला संगठन ने समाजजनों से आग्रह किया है। सभी ने इन पंक्तियों को स्मरण करते हुए कहा है कि ‘पलटकर रख दी रेखाएं तकदीर की, जय बोलो विमलसागर जी गुरुदेव की…, चलो वात्सल्यधाम में डुबकी लगाने…।













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