समाचार

निवाई में 26 जैन साधुओं का गाजे बाजे से मंगल प्रवेश : शहर में भक्तिपूर्वक करवाया गया साधुओं का मंगल प्रवेश, स्वागत सत्कार किया 


सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के 26 जैन साधुओं का निवाई शहर में गाजेबाजे के साथ मंगल प्रवेश हुआ। जहां पार्श्वनाथ उद्यान को मंगल प्रवेश के दौरान सजाया गया। जिसमें जैन समाज के लोगों द्वारा जैन संतों के विशाल जुलूस पर पुष्प वर्षा कर अगवानी की। निवाई से पढ़िए, यह खबर…


निवाई। सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के 26 जैन साधुओं का निवाई शहर में गाजेबाजे के साथ मंगल प्रवेश हुआ। जहां पार्श्वनाथ उद्यान को मंगल प्रवेश के दौरान सजाया गया। जिसमें जैन समाज के लोगों द्वारा जैन संतों के विशाल जुलूस पर पुष्प वर्षा कर अगवानी की। जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला एवं सुनील भाणजा ने बताया कि आचार्य वर्धमान सागरजी महाराज संघ के 26 पिच्छीधारी संत निवाई में शीतकालीन प्रवास के लिए मंगल पदार्पण हुआ। प्रवक्ता राकेश संधी ने बताया कि आचार्य संघ के चातुर्मास के बाद टोंक से मंगल विहार करते हुए मंगलवार को निवाई पहुंचे।जौंला ने बताया कि मंगलवार को सुबह कल्याण कॉलेज जैन समाज द्वारा श्रीफल भेंट़कर निवाई नगर के लिए आमंत्रित किया गया। जहां सभी श्रद्धालुओं ने गाजे बाजे से नाचते-गाते हुए पद विहार के साथ शहर में मंगल प्रवेश करवाया गया।

उन्होंने बताया कि आचार्य संघ शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए संत निवास नसिया जैन मंदिर पहुंचे। जहां भगवान शांतिनाथ के दर्शन करते हुए मुनिश्री प्रभव सागरजी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। जैन धर्म प्रचारक विमल पाटनी एवं सुनील भाणजा एवं राजेश पंचोलिया ने बताया कि धर्मसभा से पूर्व महिला मंडल की विनिता बगड़ी के नेतृत्व में प्रियंका पराणा, नीलम चंवरिया, नेहा बगड़ी एवं पूजा चेनपुरा ने मंगलाचरण किया। पंडित सुरेशकुमार शास्त्री ने जिनवाणी की स्तुति की।

इन्होंने लिया भाग

जितेन्द्र चंवरिया, मनोज पाटनी, राजेश चौधरी, पार्षद प्रदीप पारीक, मदनलाल वर्मा, नितिन छाबड़ा, मोहित चंवरिया, गोपाल कठमाणा, विष्णु बोहरा, पवन सांवलिया, सुशील गिन्दौडी़, पवन बड़ागांव, महेन्द्र चंवरिया, हुकमचंद जैन, अशोक बिलाला, दिलीप बगड़ी, विनोद पांडया, विमल गिन्दौडी़, कमल सोगानी, रोनक बोहरा, दिलीप भाणजा, हेमन्त जैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।

इनका हुआ नगर आगमन 

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के संघस्थ मुनि श्री प्रभवसागर जी, मुनि श्री दर्शितसागर जी, मुनि श्री प्रबुद्धसागर जी, मुनि श्री मुमुक्षुसागर जी,मुनि श्री प्रणीत सागर जी ,मुनि श्री ध्येय सागर जी, आर्यिका श्री शुभमति जी, श्री शीतलमती जी, श्री चौत्यमती जी, श्री विलोकमति जी, श्री दिव्यांशु मति जी, श्री पूर्णिमामति जी, श्री मुदितमति जी, श्री विचक्षणमति जी, श्री समर्पितमति जी, श्री निर्मुक्तमति जी, श्री दर्शनामति जी, श्री देशनामति जी, श्री महायशमति जी, श्री देवर्धिमति जी, श्री पद्मयशमति जी, श्री दिव्ययशमतिजी, आर्यिका श्री प्रेक्षा मति जी,श्री जिनेश मति जी, ऐलक श्री हर्ष सागर जी क्षुल्लक श्री प्राप्ति सागर जी। 6 मुनिराज, 18 माताजी एक ऐलक तथा 1 क्षुल्लक जी कुल 26 साधुओं का नगर आगमन हुआ है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page