जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 भगवान महावीर का 2550वां निर्वाण महोत्सव भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन समाज के अंतर्गत दोनों जैन मंदिरों में 2550 दीपक जलाए गए। प्रातः बड़े मंदिर में अभिषेक और शांति धारा के बाद, निर्वाण लड्डू को माथे पर रखकर नगर भ्रमण करते हुए श्रद्धालु श्री दिगंबर जैन नए मंदिर पहुंचे। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
झुमरीतिलैया। जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 भगवान महावीर का 2550वां निर्वाण महोत्सव भक्ति भाव के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन समाज के अंतर्गत दोनों जैन मंदिरों में 2550 दीपक जलाए गए। प्रातः बड़े मंदिर में अभिषेक और शांति धारा के बाद, निर्वाण लड्डू को माथे पर रखकर नगर भ्रमण करते हुए श्रद्धालु श्री दिगंबर जैन नए मंदिर पहुंचे। यहां, देवाधिदेव श्री महावीर भगवान की भव्य प्रतिमा का महामस्त्तिकाभिषेक सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा किया गया।
अभिषेक के पश्चात बृहद शांति धारा और मंगलाष्टक के साथ महावीर चालीसा का सामूहिक पूजन किया गया, जिसमें 1008 भगवान महावीर के चरणों में लड्डू भक्ति भाव से चढ़ाए गए। दिन के समय, सभी ने अपने प्रतिष्ठानों में भगवान महावीर की पूजा की। संध्या को बड़े जैन मंदिर में भगवान महावीर के निर्वाण के 2550 वर्ष पूर्ण होने पर 25 परिवारों द्वारा 21 मिनट में 2550 दीपक जलाए गए। इस कार्यक्रम में विजेताओं को मेसर्स बोनसाई मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता द्वारा पुरस्कृत किया गया।
ये सभी कार्यक्रम समाज के पदाधिकारियों उप मंत्री नरेंद्र झांझरी, सह मंत्री राज छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन काला, महिला समाज की अध्यक्ष नीलम जैन सेठी, और मंत्राणी आशा जैन गंगवाल के निर्देशन में सम्पन्न हुए। समाज के सभी पदाधिकारियों, वार्ड पार्षद पिंकी जैन, मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा और नवीन जैन ने सभी विजेताओं को बधाई दी और लोगों के प्रति दीपावली की शुभकामनाएं प्रेषित की।













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