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शांतिनाथ महामंडल विधान में 120 अर्घ्य किए समर्पित : मनोकामना पूर्ण होने पर भक्ति पूर्वक हुए आयोजन में समाजजन मौजूद रहे


सेमाल पंचायत के मगरा थोरी गांव में प्राचीन श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में प्रतिष्ठाचार्य दिनेश जुसावत अदवास के निर्देशन में श्री शांतिनाथ महामंडल विधान का आयोजन हुआ। मगरा थोरी गांव से पढ़िए, यह खबर…


मगराथोरी। सेमाल पंचायत के मगरा थोरी गांव में प्राचीन श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में युवा प्रतिष्ठाचार्य दिनेश जुसावत अदवास के निर्देशन में श्री शांतिनाथ महामंडल विधान का आयोजन हुआ। प्रवक्ता अनिल स्वर्णकार ने बताया कि बंसीलाल गांगजियोत जावद की ओर से मनोकामना पूर्ण होने पर शांतिनाथ महामंडल विधान किया गया। विधान में संगीतमय भक्ति आराधना के साथ श्रावक श्राविकाओं ने 120 अर्घ्य समर्पित किए। इस अवसर पर जावद, गिंगला, अदवास, बस्सी ,सेमाल आदि गांवों के श्रावक श्राविकाए मौजूद थे। इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य दिनेश जुसावत ने कहा कि नए मंदिरों के निर्माण के साथ प्राचीन मंदिरों के जीर्णाेद्धार का विशेष महत्व है। एक प्राचीन मंदिर का जीर्णाेद्धार करना, 100 नए मंदिर बनाने के बराबर है।

उल्लेखनीय है कि थोरी में 750 वर्ष से अधिक प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर है, जहां भगवान पार्श्वनाथ विराजमान हैं। वर्तमान में गांव में एक भी जैन परिवार निवासरत नहीं है। बुजुर्ग बताते हैं कि प्राचीन काल में यहां जैन समाज के घर परिवार रहते थे। इसलिए प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर विद्यमान है। आज भी जैन समाज के श्रद्धालु भगवान पार्श्वनाथ से मनोकामना मांगते हैं और पूर्ण होने पर विधान और प्रसादी का वितरण करते हैं।

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Shreephal Jain News

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