108 मुनि सुधीन्द्र सागर जी के सानिध्य में कार्यक्रम हुआ। जिसमें सोधर्म इंद्र का लाभ भंवरलाल,देवचंद तोरावत परिवार ने लिया। अभिषेक का लाभ धनपाल तोरावत ,शांति धारा राजेंद्र प्रसाद म्याचंद तोरावत परिवार ने लाभ लिया। पढि़ए परवेश जैन डूंगरपुर की रिपोर्ट ……
डूंगरपुर।108 मुनि सुधीन्द्र सागर जी के सानिध्य में कार्यक्रम हुआ। जिसमें सोधर्म इंद्र का लाभ भंवरलाल,देवचंद तोरावत परिवार ने लिया। अभिषेक का लाभ धनपाल तोरावत ,शांति धारा राजेंद्र प्रसाद म्याचंद तोरावत परिवार ने लाभ लिया।शांति विधान कार्यक्रम पंडित मयंक के सानिध्य में मुख्य कलश कनकमल तोरावत प्रथम कलश जयंती लाल लीलाचन्द, द्वितीय कलश जयंती लाल दलीचंद , तृतीय कलश सूरजमल पाटनशाह, चतुर्थ कलश केशव लाल तोरावत , भगवान की प्रतिमा की स्थापना सूरजमल पाटनशाह , दीप प्रज्वलित मोहनलाल तोरावत, श्रीफल स्थापना सूरजमल पाटनशाह परिवार ने लिया।
मुनी सुधीन्द्र सागर के केशलोचन का लाभ लक्ष्मी लाल दोसी ,पाद प्रक्षालन राजेंद्र कुमार ,माणकचंद तोरावत, मंगल आरती जयप्रकाश तोरावत, शास्त्र भेंट सूरजमल पाटनशाह, मंगल आरती महेश कुमार तोरावत, पेशी कमंडल अजब लाल तोरावत के द्वारा भेंट किया गया। मुनि जी के प्रवचन सभी श्रावकों ने सुनकर धर्म का लाभ लिया एवं गांव, राज्य, देश एवं विश्व में शांति के लिए पूजा-अर्चना विधान किया गया।यह जानकारी लक्ष्मी लाल जैन ने दी है ।













Add Comment