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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

सामूहिक आचरण में तो बने रहें जैन : सोचिए आने वाली पीढ़ी को क्या देकर जाएंगे हम

जैन धर्म में सात्विक भोजन करने का उपदेश तीर्थंकरों ने दिया। पूरे विश्व में जैन समाज की पहचान भी इसी से है। समय के चलते आज जैन परिवार भी जमीन में उगने वाले कंद जैसे आलू, मूली, गाजर, लहसुन आदि खाने लग गए हैं। जैन धर्म की संस्कृति पर कुठाराघात करती इस प्रवृति पर पढ़िए श्रीफल जैन न्य

इंदौर Shreephal Jain News 28/2/2024, 12:36:58 pm

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का समाधिमरण : राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध थे आचार्य श्री

संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी, देशवासियों के हृदय और मन-मस्तिष्क में सदैव जीवंत रहेंगे। आचार्य जी के संदेश उन्हें सदैव प्रेरित और आलोकित करते रहेंगे। पढ़िए उनके महाप्रयाण पर सुरेश जैन(आईएएस) और न्यायमूर्ति विमला जैन का विशेष आलेख आचार्य श्री विद्यासागर जी मह

इंदौर Shreephal Jain News 25/2/2024, 1:18:28 pm

कहानी जिन मंदिरों की : अतिशय्पूर्ण गोपाचल पर्वत, जहां हैं 6 इंच से लेकर 57 फीट की डेढ़ हजार से ज्यादा जैन प्रतिमाएं

24 जैन तीर्थंकरों की आश्चर्यजनक रॉक-कट मूर्तियों से सजा जैन सिद्ध क्षेत्र गोपाचल ग्वालियर में है। चट्टान से उकेरी गई इन प्रभावशाली मूर्तियों का दौरा करना एक आध्यात्मिक और विस्मयकारी अनुभव है। कमल पर विराजमान तीर्थंकर आदिनाथ जी की 47 फीट ऊंची विशाल अखंड प्रतिमा देखने लायक है। तोमर

इंदौर Shreephal Jain News 15/2/2024, 6:00:40 am

धर्म का मर्म में जानिए वसंत पंचमी का महत्व : बसंत पंचमी से माघ मास वाला दसलक्षण पर्व होता है प्रारंभ

बसंत पंचमी से माघ मास वाला दसलक्षण पर्व प्रारंभ होता है, वसंत पंचमी को ही आचार्य कुंदकुंद देव की जन्म तिथि है, ये सरस्वती की आराधना का दिन है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू का आलेख। बसंत पंचमी से माघ मास वाला दसलक्षण पर्व प्रारंभ होता है, वसंत पंचमी को ही आचार्य कुंदकुंद देव की जन्म तिथि

इंदौर Shreephal Jain News 14/2/2024, 5:27:55 pm

चिंतन का विषय : राम मंदिर के रूप में दूर हुआ विवाद, क्या जैन यक्ष-यक्षिणी से जुड़े विवाद होंगे दूर

यह सत्य है कि राम उत्सव देश का उत्सव था। हमें सब को मानना चाहिए था, नहीं मनाते तो ऐसा लगता कि समाज का हिस्सा नहीं है लेकिन क्या अपने अस्तित्व, स्वरूप को भुलाकर हमें किसी भी उत्सव में शामिल होना चाहिए? पढ़िए दीपक जैन का विशेष आलेख इंदौर। चंद्रगुप्त के स्वप्न सच होते दिखाई दे रहे ह

इंदौर Shreephal Jain News 26/1/2024, 6:00:38 am

समाज मे अविवाहित युवकों की बढ़ रही संख्या : समाज का बिगड़ रहा ताना-बाना

समाज मे अविवाहित युवकों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिससे समाज का ताना-बाना बिगड़ रहा है। इसका बड़ा कारण है अब मध्यस्थ का अभाव है। कोई किसी को सम्बन्ध बताने तैयार नही। समाज की समस्या पर पढ़िए अनिल बड़कुल का आलेख। आंकड़ों के अनुसार, जैन समाज की पारिवारिक प्रजनन दर 1.2 है जो की एनी समाजो

इंदौर Shreephal Jain News 24/1/2024, 6:08:01 pm

जीवन में उतारें प्रभु श्रीराम का एक गुण : लें प्रतिज्ञा नहीं छोड़ेंगे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम में

देश के इतिहास में एक पन्ना और जुड़ जाएगा, जब सैकड़ों वर्षों के बाद आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में बने भव्य मंदिर में जन- जन की आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा के बाद विराजमान हो जाएंगे। पढ़िए राम के एक गुण पर रेखा संजय जैन का विशेष आलेख .... देश के इतिहास

इंदौर संपादक 20/1/2024, 6:04:21 am

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष आलेख : हिंदी से मुमकिन है देश की तरक्की

जैन आचार्य विद्यासागर महाराज ने कहा है कि हम लोग हिंदी में सोचते हैं, हिंदी में सपना देखते हैं। तो काम भी हिंदी मे होना चाइए। जब ही देश की तरक्की मुमकिन है। पढ़िए नीति जैन का विशेष आलेख अंबाह। विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसके मनाने का उ

इंदौर Shreephal Jain News 10/1/2024, 5:15:48 pm

2900 वें जन्मकल्याणक पर विशेष: काशी के नाथ तीर्थंकर पार्श्वनाथ

जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर पा‌र्श्वनाथ भगवान के 2900वें जन्मकल्याणक पर पढ़िए विशेष आलेख, जिसे लिखा है राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित प्रो. अनेकांत कुमार जैन ने । प्रो. अनेकांत नई दिल्ली के श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में जैन दर्शन विभाग में आचार्य हैं ।

इंदौर Shreephal Jain News 8/1/2024, 7:34:01 pm

तीर्थंकर : चंदाप्रभु और पार्श्वनाथ : समानता और विषमताओं पर एक नजर

तीर्थंकर चंदाप्रभु और पार्श्वनाथ का एक ही तिथि को जन्म और तप कल्याणक, सभी गुण समान पर कद, आयु, रंग और तीर्थकाल में जमीन आसमान का अंतर हैं। दो तीर्थंकरों के जन्म और तप कल्याणक पर विशेष आलेख पढ़िए । आलेख का संकलन किया है वरिष्ठ पत्रकार रत्नेश जैन, राजेश रागी बकस्वाहा ने । पौष कृष्ण

इंदौर Shreephal Jain News 8/1/2024, 8:53:04 am

वतन की आजादी की खातिर दी अपने प्राणों की आहूति : आजादी के प्रथम नायक थे लाला हुकुमचंद जैन

करीब-करीब 166 वर्ष पहले 19 जनवरी, 1858 के दिन निष्ठुर अंग्रेजों ने देशभक्त लाला हुकुमचन्द जैन, मुनीर बेग और हुकुमचन्द जैन के भतीजे फकीरचन्द जैन को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। जिनका गुनाह देश की आजादी की मांग था। जिन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। पढ़िए आजादी के परवान

इंदौर Shreephal Jain News 24/12/2023, 5:48:31 pm

जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी का दीक्षा दिवस : महान व्यक्तितव के धनी थे स्वामी जी

भगवान श्री बाहुबली के परम भक्त जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी का आज दीक्षा दिवस है। इसी वर्ष 23 मार्च 2023 को स्वामी जी की समाधि हुई थी। चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी महान व्यक्तितव के धनी थे उन्होंने जैन मठ श्रवणबेलगोला तीर्थ को महामस्तकाभिषेक से नई उं

इंदौर Shreephal Jain News 11/12/2023, 10:56:09 pm

बिम्ब प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य स्मारक प्रतिष्ठा : चतुर्थ पट्टाचार्य आचार्य अजितसागर जी महाराज

श्री दिगम्बर जैन अजितकीर्ति गिरि साबला में 6 दिसम्बर से 8 दिसम्बर 2023 तक आचार्य अजितसागरजी महाराज बिम्ब प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य स्मारक प्रतिष्ठा मंगल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है ।महोत्सव पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य शिरोमणी 108 श्री वर्धमानसागर जी महाराज के पावन सान

इंदौर राखी जैन 6/12/2023, 12:49:32 pm

इस वर्ष 2550वां निर्वाण महोत्सव मना रहा है जैन समाज : जानिए भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन परिचय

महावीर जैन धर्म में वर्तमान अवसर्पिणी काल के 24वें तीर्थंकर है। उन्होंने इस संसार को न केवल मुक्ति का संदेश दिया, अपितु इसके लिए सरल और सच्ची राह भी बताई। भगवान महावीर ने आत्मिक और शाश्वत सुख की प्राप्ति के लिए पांच सिद्धांत हमें बताए : सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अचौर्य और ब्रह्मचर्

इंदौर संपादक 12/11/2023, 1:04:33 pm

जिनवाणी के चिन्तवन मात्र से प्राप्त करें आनंद : अष्ट कर्मों के नाश और केवल्य ज्ञान प्राप्ति के प्रकाश का पर्व है दीपावली

अष्ट कर्मों के नाश और सम्पूर्ण ज्ञान के प्रकाश का पर्व है दीपावली। ईसा के 527 वर्ष पूर्व कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि और कार्तिक कृष्ण अमावस्या की प्रातः काल की बेला में पावापुरी (बिहार) में इस काल के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर ने अष्ट कर्मों ज्ञानावरणीकर्म, दर्शनावरणी, वेदन

इंदौर संपादक 11/11/2023, 6:23:50 pm

दूसरों के लिए उदाहरण बनने की रखें सोच : सबको खुशी देने वाली दीपावली मनाने का संकल्प लें- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर

दीपावली खुश होने और दूसरों को खुशियां देने वाला पर्व है। जिस तरह ज्योत से ज्योत जलती है, उसी तरह प्रदूषण रहित दीपावली मनाने का एक व्यक्ति का संकल्प अन्य लोगों को प्रेरित करेगा और वे भी ऐसी दीपावली मनाने के लिए प्रेरित होंगे। पढ़िए दीपावली के विशेष अवसर पर अंतर्मुखी मुनि पूज्य साग

इंदौर संपादक 10/11/2023, 5:33:35 pm

भगवान महावीर के 2550वे निर्वाणोत्सव पर विशेष : रूढ़ियों, कुरीतियों और भ्रम से निकलें, अंतःकरण प्रकाशित करें

महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण अर्थात् मोक्ष प्राप्त किया था। जैन परंपरा में दीपावली, महावीर स्वामी के निर्वाण दिवस के रूप में मनाई जाती है। जहां कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन भगवान महावीर ने मोक्ष को प्राप्त किया था, वहीं इसी दिन संध्याकाल में उनके प्रमुख शिष

इंदौर संपादक 10/11/2023, 6:00:31 am

पंच महाव्रतों की ज्योति से आलोकित हो जीवन : इस दीपावली करें महावीर बनने का संकल्प

विश्व को जीतना आसान है, लेकिन खुद पर विजय पाना अत्यंत मुश्किल काम है और जो ऐसा कर पाते हैं, वे ही सच्चे अर्थ में महावीर बन पाते हैं। आप सोचिए कि चंचल मन और मस्तिष्क को नियंत्रण करना क्या आसान काम है? खुद की इंद्रियों को वश में रख पाना क्या हर किसी के बस की बात है? पढ़िए मनीष गोधा

इंदौर संपादक 9/11/2023, 3:25:37 pm

प्रसन्नता है दीपावली के त्योहार का प्राणतत्व : भगवान महावीर का निर्वाण बताता है कि ज्ञान का दीपक जल गया-अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर

हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख, आर्य समाज यानी भारतीय परम्परा से निकले जो भी धर्म और मत हैं, लगभग उन सभी में दीपोत्सव मनाने के अपने-अपने कारण हैं और शायद इसी वजह से दीपावली पूरे भारतवर्ष का त्योहार है। हर वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या, जो अंग्रेजी कलेण्डर के हिसाब से अक्टूबर या नवम्बर मे

इंदौर संपादक 9/11/2023, 6:00:44 am

दिवाली खुशियों वाली : अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर की अपील, कुम्हारों से खरीदें मिट्टी के दीए

दीपावली में मिट्टी के दीये का सांस्कृतिक महत्त्व है। इसी महत्त्व के कारण एक परंपरा बनी है कि दीपावली की रात मिट्टी के दीयों को जलाया जाए। मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हार भारतीय समाज के अभिन्न अंग हैं। क्यों न इस दिवाली इन्हीं कुम्हारों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई जाए। ऐसी ही अपील

इंदौर संपादक 8/11/2023, 5:36:32 pm