दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम आकिंचन्य धर्म के बारे में : आत्मा का ध्यान करना ही आकिंचन्य धर्म- मुनि पूज्य सागर महाराज
उत्तम आकिंचनता धर्म का अभ्यास व्यक्ति को आत्मिक संतुलन, शांति और जीवन की गहरी समझ की ओर ले जाता है। यह भौतिकता के पार जाकर एक अधिक स्थायी और आंतरिक सुकून की खोज करने की प्रेरणा देता है। पढ़िए मुनि श्री पूज्य सागर महाराज का विशेष आलेख... दसलक्षण धर्म का नवां कदम है आकिंचन्य धर्म।
इंदौर • Shreephal Jain News • 16-09-2024, 02:36 pm





















