✍️ आलेख

आलेख

समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

आचार्य श्री के प्रथम समाधि दिवस पर विशेष : गुरुवर की अप्रतिम मुस्कान से मुरझाए चेहरे भी खिल-खिल जाते

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, एक महान जैन आचार्य और दिव्य तत्वज्ञानी थे, जिन्होंने भारतीय समाज में अहिंसा, सत्य, और आत्मकल्याण के मार्ग को फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे विशेष रूप से अपनी अद्वितीय साधना, गहन ज्ञान और साध्वी-वचनबद्धता के लिए प्रसिद्ध हैं। उनका जीवन और क

इंदौर • Shreephal Jain News • 08-02-2025, 09:38 pm

26 दिसंबर को मनाया जाएगा भगवान चंद्रप्रभ का जन्म और तपकल्याणक : जानिए भगवान चंद्रप्रभ के देश भर के प्रमुख अतिशय क्षेत्रों के बारे में

भगवान चंद्रप्रभ का जीवन तपस्या और साधना से परिपूर्ण था, और उनके जीवन के कई प्रसंगों से भक्तों को प्रेरणा मिलती है। 26 दिसंबर को भगवान चंद्रप्रभु के जन्मकल्याणक और तपकल्याणक के अवसर पर जैन समाज इन अतिशय क्षेत्रों में जाकर उनकी पूजा अर्चना करेगा और चमत्कारी दर्शन का लाभ उठाएगा। पढ़

इंदौर • रेखा संजय जैन • 26-12-2024, 01:30 am

▶

26 दिसंबर को भगवान पार्श्वनाथ का जन्म और तप कल्याणक मनाया जाएगा : जानिए भगवान पार्श्वनाथ के देश भर के प्रमुख अतिशय क्षेत्रों के बारे में

भगवान पार्श्वनाथ की जीवनगाथाएं, उनके उपदेश और उनके चमत्कारी कार्य आज भी लाखों भक्तों को प्रेरित करते हैं। उनकी जन्मजयंती पर आयोजित होने वाले आयोजनों में लाखों भक्त हिस्सा लेंगे और भगवान पार्श्वनाथ से आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। पढ़िए संपादक रेखा संजय जैन और सहयोगी प्रीतम लखवाल की यह

इंदौर • रेखा संजय जैन • 25-12-2024, 11:30 am

▶

जैन ग्रंथों का चार अनुयोग में विभाजन : धार्मिक शिक्षाओं का गहन अध्ययन अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

जैन धर्म के चार अनुयोग के माध्यम से हमें जीवन के उच्चतम उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक सिद्धांतों का ज्ञान मिलता है। ये शास्त्र न केवल हमें जीवन के उद्देश्यों को समझने में मदद करते हैं, बल्कि हमारे आचार और व्यवहार को सुधारने के लिए दिशा भी प्रदान करते हैं। प्रथमानुयोग, करणानु

इंदौर • Shreephal Jain News • 19-12-2024, 11:30 am

बाल दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधी आलेखों की विशेष शृंखला-5 : जानें बच्चों की सेहत के लिए पेरेंट्स को क्या करना चाहिए

बाल दिवस, जिसे "चिल्डर्न्स डे" के नाम से भी जाना जाता है,हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के अधिकारों, उनके विकास और शिक्षा के महत्व को उजागर करने के लिए समर्पित होता है। बाल दिवस का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ, खुशहाल और सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार दिल

इंदौर • रेखा संजय जैन • 14-11-2024, 11:00 am

बाल दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधी आलेखों की विशेष शृंखला-4 : बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है विटामिन डी

बाल दिवस, जिसे "चिल्डर्न्स डे" के नाम से भी जाना जाता है, हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के अधिकारों, उनके विकास और शिक्षा के महत्व को उजागर करने के लिए समर्पित होता है। बाल दिवस का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ, खुशहाल और सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार दि

इंदौर • रेखा संजय जैन • 13-11-2024, 06:05 pm

बाल दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधी आलेखों की विशेष शृंखला-3 : चॉकलेट के अत्यधिक सेवन से बच्चों में हो सकती हैं कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं

बाल दिवस, जिसे "चिल्डर्न्स डे" के नाम से भी जाना जाता है,हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के अधिकारों,उनके विकास और शिक्षा के महत्व को उजागर करने के लिए समर्पित होता है। बाल दिवस का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ, खुशहाल और सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार दिला

इंदौर • रेखा संजय जैन • 12-11-2024, 11:00 am

बाल दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधी आलेखों की विशेष शृंखला-2 : बच्चों में चश्मे का नंबर न बढ़ने के उपाय, जानें क्यों और कैसे रखें आंखें स्वस्थ

बाल दिवस, जिसे "चिल्डर्न्स डे" के नाम से भी जाना जाता है,हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता है । यह दिन बच्चों के अधिकारों, उनके विकास और शिक्षा के महत्व को उजागर करने के लिए समर्पित होता है। बाल दिवस का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ,खुशहाल और सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार दिल

इंदौर • रेखा संजय जैन • 11-11-2024, 11:30 am

बाल दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधी आलेखों की विशेष शृंखला-1 : बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डालते हैं जंक फूड

बाल दिवस, जिसे "चिल्डर्न्स डे" के नाम से भी जाना जाता है, हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के अधिकारों, उनके विकास और शिक्षा के महत्व को उजागर करने के लिए समर्पित होता है। बाल दिवस का उद्देश्य बच्चों को स्वस्थ,खुशहाल और सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार दिल

इंदौर • रेखा संजय जैन • 10-11-2024, 01:16 pm

श्रीफल जैन न्यूज पर जानें पूजन और निर्वाण लड्डू चढ़ाने की समस्त विधि : कैसे करें पूजन, कैसे चढ़ाएं निर्वाण लड्डू

जैन समाज में दिवाली एक धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक पर्व है, जो न केवल भगवान महावीर के निर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है, बल्कि आत्म-ज्ञान और समाज सेवा का भी प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से जैन अनुयायी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करते हैं। पढ़िए संपादक रेखा स

इंदौर • रेखा संजय जैन • 30-10-2024, 12:52 pm

मंगल कलश की स्थापना के पहले तोरणद्वार और मुख्यद्वार को सजाने की विधिः कलश स्थापना के महत्वपूर्ण कार्य के उपरांत पूजन के बारे में अद्भुत जानकारी

मंगल कलश के बारे में पहली श्रंखला में बहुत विस्तार से विधिपूर्वक बताया गया है। पूजन विधि के दूसरे पक्ष में बताया जा रहा है कि जब कलश स्थापित हो जाए तो इसके पहले क्या किया जाए? इसमें घर और दुकान को सजाकर तोरण से सजाने के बारे में बताया जा रहा है। आइए जानते हैं इंदौर से संपादक रेखा

इंदौर • रेखा संजय जैन • 29-10-2024, 08:04 pm

▶

भगवान महावीर के निर्वाण दिवस पर श्रीफल जैन न्यूज की विशेष प्रस्तुति 5 : आत्मज्ञान, मोक्ष और धार्मिक आस्था का पर्व है दीपावली- गणिनी आर्यिका स्याद्वादमती माता जी

जैन धर्म में दीपावली का गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान महावीर का निर्वाण हुआ था, और इसे जैन समुदाय के लिए मोक्ष और आत्मज्ञान का प्रतीक माना जाता है। जानते हैं दीपावली का वास्तविक अर्थ क्या है, पढ़िए गणिनी आर्यिका स्याद्वादमती माता जी का विशेष आलेख... हम सभी दीप

इंदौर • Shreephal Jain News • 29-10-2024, 11:30 am

भगवान महावीर के निर्वाण दिवस पर श्रीफल जैन न्यूज की विशेष प्रस्तुति -4 : भगवान महावीर ने दिया है स्त्री को अबला नहीं, सबला बनने का संदेश

भगवान महावीर के दिव्य संदेश में हर वर्ग के लिए ज्ञान है। प्रेरणा है। उन्होंने नारी के ब्रह्म तेज का स्मरण करवाते हुए अपना महत्वपूर्ण संदेश देकर नारी को सशक्तीकरण के लिए प्रेरित किया। प्रायः देखने में आता है कि नारी का अपमान, शीलभंग, हिंसा आदि हो रही है। ऐसे में नारी के लिए भगवान

इंदौर • Shreephal Jain News • 29-10-2024, 10:30 am

आध्यात्मिक समृद्धि का प्रतीक है कलश स्थापना : कलश स्थापना की विधि सरल, लेकिन इसे श्रद्धा और विश्वास के साथ करें

मंगल कलश की पूजा एक महत्वपूर्ण और शुभ अवसर है। इसे भक्ति और श्रद्धा से करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है। पूजन विधि का पालन करते समय ध्यान रखें कि सभी क्रियाएं पूर्ण श्रद्धा के साथ की जाएं। पढ़िए मुनि श्री पूज्य सागर महाराज जी से संपादक रेखा संजय जैन की बातचीत के

इंदौर • रेखा संजय जैन • 28-10-2024, 07:53 pm

▶

भगवान महावीर के निर्वाण दिवस पर श्रीफल जैन न्यूज की विशेष प्रस्तुति -1 : शुभ या कल्याण की भावना पुष्ट होती है स्वस्तिक से

भारतीय संस्कृति में जहां मंदिर में भगवान की पूजा और दर्शन का विधान है, वहीं शुभ प्रतीक चिह्नों को भी पूजा और दर्शन के लिए स्थान दिया है। इनके दर्शन और पूजन से शुभता और आध्यात्मिक विकास का मार्ग खुलता है। पढ़िए दीपावली यानी भगवान महावीर के निर्वाण दिवस पर श्रीफल जैन न्यूज की विशेष

इंदौर • Shreephal Jain News • 27-10-2024, 11:30 am

अहिंसकाहार पद्धति प्रकृति के सिद्धान्तों पर आधारित : भारतीय संस्कृति संरक्षण के लिए खान-पान शुद्धि की आवश्यकता

भारतीय संस्कृति में शुद्ध खान-पान का विशेष महत्व रहा है। जैन संस्कृति में अहिंसा का विशेष महत्व है। अहिंसा सिद्धान्त के सम्बन्ध में हमारे तीर्थंकरों, आचायों ने विशेष उपदेश व योगदान दिया है और जीवन शैली में युग-युगों से आहार शुद्धि का विशेष महत्व रहा है। आहार का सम्बन्ध जीवन से जु

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-10-2024, 06:01 pm

शरद पूर्णिमा चंद्रमा की चांदनी में जाप का महत्व : देवी सरस्वती होती हैं प्रसन्न, होती है प्रखर बुद्धि

शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की चांदनी में जाप करने से देवी सरस्वती प्रसन्न होती हैं और बुद्धि प्रखर होती है। इस विशेष रात को कौन सा जाप करना चाहिए, यह जानना महत्वपूर्ण है। विधिपूर्वक किए गए इन जपों से ज्ञान का क्षयोपशम बढ़ता है। पढ़िए श्रीफल जैन न्यूज़ से संपादक रेखा संजय जैन का यह व

इंदौर • Shreephal Jain News • 17-10-2024, 08:17 pm

दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के बारे में : इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण ही ब्रह्मचर्य धर्म- मुनि पूज्य सागर महाराज

उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म का तात्पर्य है संयम और आत्म-नियंत्रण के उच्चतम स्तर को प्राप्त करना। यह न केवल शारीरिक संयम को दर्शाता है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संयम को भी शामिल करता है। जैन धर्म में इसे धर्म के सर्वोच्च आदर्श के रूप में देखा जाता है क्योंकि यह आत्मा की शुद्धता और आध्य

इंदौर • Shreephal Jain News • 17-09-2024, 11:36 am

उत्तम आंकिंचन धर्म पर विशेष आलेख: हमारे जीवन मे किंचित मात्र भी, कुछ भी मेरा नहीं है

आज उत्तम आंकिंचन का दिन है और यह धर्म हमें यही सिखाता है की हमारे जीवन मे किंचित मात्र भी कुछ भी मेरा नहीं है इस सांसर मे अगर मेरा कुछ है तो सिर्फ मेरी भगवान आत्मा ही मेरी सब कुछ है बाकी प्रदार्थ सिर्फ संसार मे भ्रमण कराने बाले है, इसलिए हे भव्य आत्मा तुझे आज अपनी आत्मा को समझना

इंदौर • Shreephal Jain News • 16-09-2024, 08:07 pm

दसलक्षण महापर्व (पर्यूषण पर्व), अनंत चतुर्दशी, दसवां दिन 17 सितम्बर : अपनी आत्मा में रमण करना उत्तम ब्रह्मचर्य है

ब्रह्मचर्य जो हमारी साधना का मूल है, सभी साधनाओं में ब्रह्मचर्य को सबसे प्रमुख स्थान दिया गया हैं। आत्मा ही ब्रह्म है उस ब्रह्मस्वरूप आत्मा में चर्या करना सो ब्रह्मचर्य है। जिस प्रकार से एक अंक को रखे बिना असंख्य बिन्दु भी रखते जाइये किन्तु क्या कुछ संख्या बन सकती है? नहीं, उसी प

इंदौर • Shreephal Jain News • 16-09-2024, 08:00 pm