

धार्मिक नही बनना धर्मात्मा बनना ।धर्मात्मा के अंदर धर्म का वास होता है। व्यक्ति धार्मिक दो चार घंटे के लिए बनता है, लेकिन धर्मात्मा जीवन भर के लिए रहता है । धर्मात्मा इस लोक को सुधारता है। सभी कार्यक्रम प्रतिष्ठचार्य अजित जी शास्त्री और कोडरमा के पंडित अभिषेक जैन के साथ संघस्थ अलका दीदी ओर भारती दीदी के निर्देशन में किए जा रहे हैं।




