विश्व जैन संगठन के उपाध्यक्ष पियूष जैन ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर विश्व संत है, भारत के हिंदू समाज, सिख समुदाय, मुस्लिम समुदाय आदि में भी उनके प्रति गहरी आस्था है। उन्होंने जन जन को कल्याण का मार्ग दिखाया, देश की अनेक जेलों में कैदियों के जीवन में सुधार लाए। हजारों कैदियों ने समाधि के दिन निर्जल उपवास किया। आचार्य श्री ने प्राणी मात्र के कल्याण व जीवन की सुरक्षा के लिए अहिंसा शाकाहार को आवश्यक बताया। गौ सेवा के अनेक केन्द्र खुलवाए, संस्कारवान भारतीय शिक्षा के लिए प्रतिभास्थली विद्यालय, स्वभलंबन रोजगार हेतु श्रम दान, हथकरघा केन्द्र खुलवाए, आचार्य श्री भारत की शिक्षा व्यवस्था मातृ भाषा में हो इसके प्रबल समर्थक थे। भारत के पुरातन गौरव को पुनः स्थापित करना है तो हम सब को इंडिया से भारत की ओर लौटना होगा। हमें अपने देश को भारत को इण्डिया नही, भारत बोलना चाहिए। सभा के अन्त में आवास विकास के चौधरी संदीप जैन ने कहा कि आचार्य श्री के बताए मार्ग का हम सभी को अनुसरण करना चाहिए। उनके बताए सिद्धांतों का कोई भी एक नियम अपने जीवन में अवश्य धारण करें।
ये रहे मौजूदविनयांजलि सभा में सकल जैन समाज आवास विकास के साथ-साथ उप मंत्री संजय जैन, सदस्य पंचांग समिति प्रवीण जैन, श्रवण जैन, जिनेश जैन, संजीव जैन, विश्व जैन संगठन से चिद्रूप जैन, आयुष जैन, पियूष जैन, डॉ. रवि जैन, अंकुर जैन, एडवोकेट उमंग जैन अरिहंत आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।




